






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 27 नवंबर 2021। जो भी व्यक्ति 8 घंटे की नींद नहीं ले रहा तो समझिए वो अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहा है. ऐसा इसलिए क्योंकि हेल्थ एक्सपर्ट्स कहते हैं कि हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए जितना अहम खानपान और व्यायाम होता है, उतनी ही जरूरी नींद भी है. एक स्वस्थ शरीर के लिए हर व्यक्ति को कम से कम 8 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए, लेकिन इस तकनीकी दुनिया ने इंसान की पूरी दिनचर्या को ही बिगाड़कर रख दिया है.
काम का प्रेशर ऐसा है कि सुकूनभरी नींद के लिए भी कई जतन करने पड़ते हैं. बिस्तर पर लेटने के बाद भी थके हुए शरीर को हर वक्त चलता दिमाग ठीक से सोने नहीं देता और घंटों करवटें बदलते निकल जाते हैं. अगर आपके साथ भी ये समस्या है तो सावधान हो जाइए और पूरी नींद लेने की कोशिश कीजिए.
पूरी नींद नहीं लेने के नुकसान
1. तनाव, गुस्सा और डिप्रेशन की समस्या
जब आपकी नींद पूरी नहीं होती हो तो दिमाग को आराम नहीं मिल पाता. लिहाजा स्ट्रेस बढ़ता है और तनाव की स्थिति में कभी कोई काम ठीक से नहीं हो पाता. ऐसे में गुस्सा, इरिटेशन और डिप्रेशन जैसी दिक्कतें होना शुरू हो जाती हैं.
2. दिमाग पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है
देश के मशहूर आयुर्वेद डॉक्टर अबरार मुल्तानी के अनुसार, नींद पूरी ने होने से शरीर और दिमाग पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. अगर आप पर्याप्त मात्रा में नींद नहीं ले पा रहे हैं, तो दिमागी क्षमता कम हो सकती है, जिससे कार्यक्षमता प्रभावित होती है.
3. दिल की सेहत के लिए खतरा
ठीक तरीके से नींद न लेने से शरीर का मेटाबॉलिज्म रेट सीधे तौर पर प्रभावित होता है. लिहाजा शरीर में चर्बी बढ़ने लगती है. ऐसे में दिल की सेहत पर बुरा असर पड़ता है और हाई बीपी, डायबिटीज और हृदय संबन्धी परेशानियों का रिस्क बढ़ जाता है.
4. जुकाम का खतरा बढ़ जाता है
एक अध्ययन में पता चला है कि जो लोग रात में छह घंटे या उससे भी कम समय की नींद लेते हैं, उन्हें जुकाम होने का खतरा ज्यादा रहता है.
5. इम्युनिटी कमजोर होती है
अगर इंसान भरपूर नींद नहीं लेता है तो इससे उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता पर भी प्रभाव पड़ सकता है. इससे संबंधित एक रिसर्च भी सामने आई है, जिससे यह साबित होता है कि इम्यूनोलॉजिकल का नींद से गहरा संबंध होता है. ऐसे में जब नींद प्रभावित होती है तो इसका हमारी इम्यूनिटी सिस्टम पर भी प्रभाव पड़ सकता है.
यहां दी गई जानकारी किसी भी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है. यह सिर्फ शिक्षित करने के उद्देश्य से दी जा रही है.



