






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 6 अप्रैल 2024। चिड़पड़नाथ जी की बगीची में आयोजित “नानी बाई का मायरा” वाचन के आज अंतिम दिन कथावाचक कैलाश सारस्वत ने आम जन जीवन से जुड़े अनेक प्रसंग सुनाए। सारस्वत ने जीवन में शिक्षा व संस्कार के महत्व को समझाया। उन्होंने नारी का सम्मान करने की प्रेरणा देते हुए पारिवारिक रिश्तों में भाव, त्याग, स्नेह, समर्पण के साथ परिवार में सदैव प्रसन्नता का माहौल रखने की बात कही। सारस्वत ने बताया कि किस तरह नानी बाई का 56 करोड़ का मायरा भरने भगवान श्रीकृष्ण आए थे। कथा आयोजक माहेश्वरी महिला समिति की महिलाओं ने नाचते-गाते, गाजे-बाजे के साथ मायरा भरने की रीत निभाई। हर्षोल्लास से महिलाओं ने कपड़े, गहने, नगदी सामान के साथ अनेक उपहारों से मायरा भरा। कथा पूर्ण होने पर “हरि बिना मोरी गोपाल बिना मोरी.. भजन पर श्रद्धालु जमकर झूमे और पूर्णाहुति कृष्ण आरती से की गई। नरसीजी, नानी बाई, सांवरा सेठ, रूक्मणी कृष्ण सहित अनेक पात्रों की सुदंर झांकिया सजाई गई। बड़ी संख्या में महिलाएं समारोह में शामिल हुई व आयोजन के दौरान खूब जयकारे लगाए गए।
समिति का जताया आभार, किया अतिथियों का सम्मान।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। कथा वाचक कैलाश शास्त्री ने सभी श्रोताओं की ओर से माहेश्वरी महिला समिति का आभार जताया। चिड़पड़नाथजी बगीची के प्रबंधक मंगलनाथ बाबा का सम्मान किया गया। समिति सदस्य महिलाओं ने अतिथि तेरापंथ महिला मंडल अध्यख सुनीता डागा, नेता प्रतिपक्ष अंजू पारख, शिक्षाविद् रूपचंद सोनी, माहेश्वरी महासभा के श्रीभगवान चांडक, संजय करनाणी, अमीत करवा का सम्मान किया गया। समिति द्वारा पंडित कैलाश शास्त्री को सोने की अंगूठी पहना कर सम्मानित किया। समारोह में पंडित कैलाश शास्त्री, श्याम स्टूडियो के श्याम तिवाड़ी, टेंट हाऊस के पूनम व कालूराम, संगीतकार सहित समारोह में सेवाएं देने वाले लोगों का सम्मान किया गया।













