May 19, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 22 मई 2025। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में पेयजल समस्या इन दिनों विकराल रूप धारण किए हुए है एवं शहर के सामान्य से सामान्य आर्थिक स्थिति वाले परिवार को भी 500 रुपए प्रति टैंकर के हिसाब से पानी खरीदना पड़ रहा है एवं यह पानी हर घर का बजट बिगाड़ चुका है। ऐसे बदहाल हालातों में क्षेत्र में जलदाय विभाग की भयंकर लापरवाही सामने आई है, जिसमें पिछले पांच वर्षों से 40 घरों में लगातार 24 घंटे पानी आ रहा है एवं पानी का प्रेशर इतना कि नल बंद कर दिया जाए तो पाईप फट जाए। ऐसे में पिछले पांच सालों से अरबों गैलन पानी व्यर्थ बह गया है एवं इस पर दैनिक भास्कर के श्रीडूंगरगढ़ पत्रकार नारायण सारस्वत ने विशेष भास्कर ग्राउंड रिपोर्ट प्रकाशित की है। श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स के पाठकों तक भी पहुंचें यह खबर।

नारायण सारस्वत, श्रीडूंगरगढ़। गर्मी के मौसम में लगातार पेयजल किल्लत का सामना बीकानेर के ग्रामीण अंचल के लोग कर रहे हैं। इसके बावजूद जलदाय विभाग के अधिकारी और कार्मिक लापरवाही की आदतें नहीं छोड़ रहे। सीधा-सा उदाहरण रेलवे स्टेशन, श्रीडूंगरगढ़ के पास स्थित बस्ती में बने 40 घरों के पेयजल कनेक्शन का है। रेलवे स्टेशन के पास बने जलदाय विभाग के नलकूप से 24 घंटे पानी की सप्लाई की जाती है। इस नलकूप शहर में सप्लाई देने हेतु जलदाय विभाग वाटर टैंक में पानी एकत्रित करता है और यह पानी कस्बे में वितरण होता है। इस बीच विभाग के अधिकारियों ने इस मुख्य सप्लाई लाइन से यहां स्थित बस्ती में 40 घरों को पेयजल कनेक्शन दे दिए। कनेक्शन देना गलत नहीं था मगर सप्लाई लाइन से कनेक्शन देते समय सप्लाई बंद व चालू करने के लिए यहां केवल एक वाल्व लगाना था, जो पिछले पांच साल से विभाग नहीं लगा पाया है। इस कारण इन घरों में 24 घंटे पेयजल सप्लाई हो रही है। नलकूप के नजदीक होने के कारण लाइनों में पानी का प्रेशर अधिक बनता है, जिसकी वजह से घरों में सप्लाई देने के लिए दी गई पेयजल लाइनों में दर्जनों लीकेज हो गए है। इसका परिणाम है कि पिछले पांच साल से इस क्षेत्र में पानी की बर्बादी हर दिन हो रही है। क्षेत्र के गणेश राजपूत ने बताया कि जलदाय विभाग की मुख्य सप्लाई लाइन में स्टेशन से घूमचक्कर तक सैकड़ों अवैध कनेक्शन भी हो रखे हैं, जिनसे भी हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है। मोहल्ले के गणेश राजपूत, कानाराम नायक, भादर मल मेघवाल, मालाराम मेघवाल, गोपालराम मेघवाल ने बताया कि उन्हें 24 घंटे पानी की जरूरत ही नहीं है। उलटा उन्हें नुकसान हो रहा है। हर वक्त गली में पानी पसरा रहने से गंदगी फैल रही है, उनकी सप्लाई लाइन बार-बार टूटने से उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है। मोहल्ले की सड़कों पर ढाई से तीन फीट तक पानी लंबे समय से जमा हुआ है। स्टेशन से मोहल्ले की तरफ आने वाली सड़क तो काफी समय से पानी के जमाव के कारण आसवागमन के काम ही नहीं आ रही।

घरों के रास्ते बंद, रेलवे की दीवार फांदकर जाते हैं कस्बेवासी

मोहल्ले की सड़कों पर ढाई से तीन फीट तक पानी लंबे समय से जमा हुआ है। स्टेशन से मोहल्ले की तरफ आने वाली सड़क तो काफी समय से पानी के जमाव के कारण आवागमन के काम ही नहीं आ रही। क्षेत्र के लोगों को रेलवे ग्राउंड को दीवार फांदकर दूसरी तरफ जाना पड़ता है। हर दिन महिलाएं, बच्चों और बुजुर्गों सभी को मुख्य रास्ता छोड़कर ग्राउंड से बाहर निकलना पड़ रहा है।

इनका कहना है..

रेलवे स्टेशन के पास की बस्ती में मुख्य सप्लाई लाइन से ही कनेक्शन दिए गए हैं। इसी कारण वहां 24 घंटे पानी की सप्लाई होती है। यह व्यवस्था लंबे समय से बिगड़ी हुई है। वहां पर एक बॉल्व की जरूरत है। वाह लगाने के बाद उस मोहल्ले में टाइम टेबल के अनुसार ही पानी की सप्लाई होगी। दो दिनों में वहां वॉल्व लगाकर पानी की बर्बादी को रोका जाएगा। लाइनों के लीकेज भी सही करवाएंगे। – कैलाश वर्मा, एईएन पीएचईडी, श्रीडूंगरगढ़