






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 6 सितबंर 2023। हिंदू समाज में योगेश्वर कृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाने की परंपरा है और श्रीडूंगरगढ़ में जन्माष्टमी का उल्लास गली-गली, घर-घर नजर आ रहा है। मंदिरों को सजाया जा रहा है और हर घर में जन्माष्टमी की तैयारियां की जा रही है। घरों में कान्हा के लिए नए वस्त्र, गहने व झूले सजाए जा रहें है वहीं हर रसोई में पंजीरी का प्रसाद बनाने की तैयारी की जा रही है। अनेक स्थानों पर आज और कल दो दिन उल्लास के साथ आयोजन होंगे जिसमें सैंकड़ो श्रद्धालु भाग लेंगे। अनेक दुकानदारों ने भी स्पेशल तैयारियां की है। घुमचक्कर गोपाल होटल पर विशेष मटकी केक मिल रहा है वहीं गांधी पार्क के पास स्थित छप्पन भोग में कान्हा को भोग लगाने के लिए छप्पन भोग स्पेशल थाली मिल रही है। गौरव पथ पर स्थित रूपेश गारमेंट में राधा कृष्ण की ड्रेस उचित रेट पर उपलब्ध है।
आज और कल दो दिन उत्सव।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। हनुमान धोरा मंदिर में आज रात उत्सव मनाया जाएगा। वहीं श्याम मंदिर में विश्व हिंदू परिषद द्वारा नृत्य व राधा कृष्ण सजाओ प्रतियोगिताओं के साथ मटकी फोड़ कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। आड़सर बास ठाकुरजी मंदिर व कालूबास के रघुनाथजी मंदिर में कल भजन कीर्तन के साथ धूमधाम से उत्सव मनाया जाएगा। वहीं सिंधी कॉलोनी के झूलेलाल मंदिर में कल रात धूमधाम से नृत्य प्रतियोगिता के साथ मटकी फोड़ कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
सर्वार्थसिद्धि मुहूर्त और पांच राजयोग बनने से पूजा के साथ खरीदारी के लिए भी शुभ रहेगा दिन।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। आज देश में कई जगहों पर जन्माष्टमी पर्व मनाया जा रहा है। अनेक ज्योतिषियों का मत है कि कृष्ण जन्मोत्सव 6 की रात को मनाना चाहिए, क्योंकि इसी रात में तिथि-नक्षत्र का वो ही संयोग बन रहा है, जैसा द्वापर युग में बना था। ग्रंथों के मुताबिक ये भगवान कृष्ण का 5250वां जन्म पर्व है। अष्टमी तिथि 6 सितंबर यानी आज दोपहर करीब 3.30 बजे शुरू होगी और 7 सितंबर को शाम 4 बजे तक रहेगी। श्रीकृष्ण का जन्म अष्टमी तिथि की रात में हुआ था, इसलिए ज्योतिषियों और ग्रंथों का कहना है 6 को जन्माष्टमी मनाएं। 6 सितंबर, खरीदारी के लिए भी शुभ दिन है। आज चंद्रमा अपनी उच्च राशि में और सूर्य-शनि अपनी ही राशियों में होंगे। साथ ही तिथि, वार और नक्षत्र से मिलकर पूरे दिन सर्वार्थसिद्धि योग भी बन रहा है। इसके साथ शश, दामिनी, सरल और उभयचरी नाम के राजयोग बन रहे हैं। साथ ही इस दिन लक्ष्मी योग बन रहा है। इस शुभ योग में निवेश, लेन-देन और प्रॉपर्टी की खरीदी-बिक्री करना फायदेमंद रहेगा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स को भेजें अपने नन्हें मुन्नों के फोटो।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। आज और कल दो दिन हर घर में छोटे बालक बालिकाओं को राधा व कृष्ण के वेश में सजाया जाएगा। घरों में उत्सव मनाएं जाएंगे और आप सभी पाठक अपने घरों के उत्सव मनाने के फोटो व बाल कृष्ण और राधा के फोटो श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स को जरूर भेजें। श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स द्वारा चयनित फोटो प्रकाशित किए जाएंगे और क्षेत्र के एक लाख से अधिक पाठकों तक ये फोटो पहुंचाएं जाएंगे जिससे सभी लोग श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उल्लास से जुड़ सकें।

पंडित विष्णुदत्त शास्त्री ने कहा ये..
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। आमतौर पर कृष्ण जन्माष्टमी दो दिनों तक या 2 दिन मनाते हैं। एक दिन स्मार्त समुदाय (गृहस्थ एवं सभी देवताओं की पूजा करने वाले )के लोग कृष्ण जन्माष्टमी मनाते हैं और दूसरे दिन वैष्णव संप्रदाय के लोग कृष्ण जन्मोत्सव मनाते हैं। इस साल कृष्ण जन्माष्टमी 6 और 7 सितंबर के दिन मनाई जाएगी। जिसमें ग्रहस्थ लोग 6 सितंबर 2023 को कृष्ण जन्माष्टमी मनाएंगे और इस दिन व्रत रखेंगे। इसके बाद वैष्णव समुदाय के लोग 7 सितंबर को कृष्ण जन्माष्टमी मनाएंगे और व्रत रखेंगे।
कृष्ण जन्माष्टमी 2023 शुभ मुहूर्त- भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष जन्माष्टमी तिथि 6 सितंबर 2023 को दोपहर 3 बजकर 37 मिनट से आरंभ होकर 7 सितंबर 2023 को शाम 4 बजकर 14 मिनट पर समाप्त होगी।
रोहिणी नक्षत्र 6 सितंबर 2023 को सुबह 9 बजकर 20 मिनट से प्रारंभ होकर 7 सितंबर 2023 को 10 बजकर 25 मिनट तक रहेगा।
कृष्ण जन्माष्टमी महत्व और पूजा विधि।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। पंडित विष्णुदत्त शास्त्री के अनुसार भगवान कृष्ण श्रद्धालुओं की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं और घर में सुख समृद्धि का वरदान देते हैं। लड्डू गोपाल की पूजा की जाती है और बाल गोपाल का श्रृंगार करके विधि विधान से उनकी पूजा प्रारंभ करें व उन्हें झुलाएं। श्री कृष्ण जन्माष्टमी के दिन भगवान श्री कृष्ण को दूध और गंगाजल से स्नान कराया जाता है और फिर उन्हें नए वस्त्र पहनाए जाते हैं। उनके माथे पर मोर पंख का मुकुट लगाया जाता है और उन्हें नई बांसुरी दी जाती है। इसके अलावा श्रृंगार के लिए चंदन और वैजयंती माला का इस्तेमाल किया जाता है। श्रीकृष्ण को इस दिन उनके पसंदीदा भोग अर्पित किए जाते हैं जिसमें तुलसी दल, फल, मखाने, मक्खन, मिश्री, मिठाई, मेवे, पंजीरी आदि शामिल होते हैं। इसके बाद धूप दीप किया जाता है। अंत में श्री कृष्ण के बाल स्वरूप की आरती करते हैं और फिर पूजा में शामिल सभी लोग प्रसाद लेकर पूजा का समापन करते हैं।
❄️कृष्ण जन्माष्टमी पर विशेष मनोकामना पूर्ति के लिए कर सकते कर सकते हैं इन मंत्रों का जाप
अगर आपके जीवन में दुख निरंतर बना हुआ है तो आप कृष्ण जन्माष्टमी के दिन पूजा के दौरान 21 बार अपने परिवार के साथ इस मंत्र का जाप करें:
🔅 करार विन्देन पदार विन्दं , मुख़ार विन्दे विनये शयन्तम
वटस्य पत्रस्य पुटे शयानम, बालं मुकुन्दं मनसा स्मरामि
अगर आपके जीवन में कष्ट लगातार बना हुआ है और आप उससे मुक्ति पाना चाहते हैं तो इस मंत्र का जाप करें:
🔅 ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने ।
प्रणतक्लेश नाशाय गोविंदाय नमो नमः ।।
अगर आपकी कोई मनोकामना है जिसे आप पूरी करना चाहते हैं तो कृष्ण जन्माष्टमी के दिन इस मंत्र का जप आपके लिए फलदायी रहेगा:
🔅मूकं करोति वाचालं पंगुं लंघयते गिरिम् ।
यत्कृपा तमहं वन्दे परमानन्दमाधवम् ।।
अगर आप संतान प्राप्ति की चाह रखते हैं और वह किन्हीं कारण वश पूरी नहीं हो पा रही है तो श्री कृष्ण जन्माष्टमी के दिन इस मंत्र का जाप करें:
ॐ देवकीसुतगोविंद वासुदेवजगत्पते ।
देहि में तनयं कृष्ण त्वामंह शरण गत: ।।
अगर विद्या प्राप्ति में आपको कोई विघ्न आ रहा है या आपकी विद्या से संबंधित कोई मनोकामना है जो पूरी नहीं हो पा रही है तो श्री कृष्ण जन्माष्टमी के दिन कुछ समय निकालकर भगवान कृष्ण के समक्ष बैठें और इस मंत्र का जप करें:
🔅ॐ कृष्ण कृष्ण महाकृष्ण सर्वज्ञ त्वं प्रसीद मे।
रमारमण विद्देश विद्यामाशु प्रयच्छ मे।।
जीवन में समृद्धि और अपने घर परिवार में खुशियां और लड्डू गोपाल का असीम आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए इस मंत्र का जाप करें:
🔅 श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी
हे नाथ नारायण वासुदेवा।।
पितु मातु स्वामी सखा हमारे
हे नाथ नारायण वासुदेवा।।
पण्डित विष्णुदत्त शास्त्री
8290814026




