






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 19 दिसंबर 2024। सुदंर सजी हुई टोकरी में वासुदेव के वेश में नन्हें बाल गोपाल को पांडाल में लाया गया तो पांडाल जयकारों से गुंज उठा। ये दृश्य नजर आया आज कालूबास के नेहरू पार्क में आयोजित भागवत कथा में कृष्ण जन्मोत्सव पर, यहां संत स्वामी शिवेंद्र स्वरूप महाराज ने कंस के कारागर में कृष्ण जन्म की घोषणा की तो खचाखच भरे डोम में श्रद्धालु आनंद से सराबोर हो गए। “माता यशोदा के हुआ लाल, बधाई सार भक्तां ने..” भजन पर श्रद्धालु भाव विभोर होकर खूब झूमे। बाल गोपाल के स्वागत में थाली बजाकर बधाईयां बांटी गई। पांडाल को हजारों गुब्बारों से सजाया गया। इससे पूर्व महाराज ने अजामिल की कथा सुनाते हुए भगवान के प्रवृत्ति दयालु होने की बात कही, और भगवान को सच्ची निष्ठा व विश्वास से पुकारने की बात कही। महाराज ने कहा कि भागवत की कथाएं जीवन का दर्पण है जिससे हर संबंध, स्थिति व परिस्थिति में सत्य पथ पर बने रहने की प्रेरणा मिलती है। महाराज ने मन्वतंर गणना विस्तार से बताते हुए समुद्र मंथन की कथा विस्तार से सुनाई। उन्होंने गाय की महिमा का वर्णन करते हुए हर सनातनी को घर में एक गौ के पालन की प्रेरणा दी। समुद्र मंथन, देवासुर संग्राम, लक्ष्मी नारायण विवाह का वर्णन करते हुए कहा कि क्रोधी, कामी व अस्त व्यस्त जीवनशैली वाले मनुष्य के पास लक्ष्मी नहीं रहती है। उन्होंने कुंभ स्नान का महत्व बताया व वर्तमान के सातवें मन्वतंर के बारे में जानकारी दी। महाराज ने वामन अवतार की कथा के दौरान “तेरे द्वार खड़ा भगवान भक्त भर दे झोली..” पर श्रद्धालु भक्ति भाव से सराबोर हो उठे। कथा के दौरान वामन भगवान की सुदंर झांकी सजाई गई। महाराज ने मत्स्य अवतार व सूर्यवंशी मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम के जन्म की कथा सुनाई। गुरूवार की कथा कृष्ण जन्मोत्सव पर पूर्ण हुई वहीं शुक्रवार को गोवर्धन पूजा व छप्पन भोग के आयोजन होंगे। कथा आयोजक रेवंतमल, मुरलीधर, सत्यनारायण, विनित सोनी परिवार द्वारा कथा की सभी व्यवस्थाएं की जा रही है। कथा में कालू बास, आड़सर बास, बिग्गा बास, मोमासर बास, प्रताप बस्ती सहित विभिन्न स्थानों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। वहीं स्वामी जी के शिष्य परिवार भी कथा रस का आनंद लेने कथा में पहुंच रहें है।










