May 21, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 28 जुलाई 2022। नगरपालिका में भाजपा की सत्ता है और आज भाजपा के ही नेता, कार्यकर्ता ना केवल विरोध में एकत्र हुए बल्कि जन आन्दोलन की चेतावनी भी दी। मसला खड़ा हुआ है श्रीडूंगरगढ़ के एकमात्र स्टेडियम डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम को बचाने का। ये खेल मैदान लंबे समय से अपनी दुर्दशा के लिए मीडिया में छाया हुआ है और देखते ही देखते सूरसागर में तब्दील भी हो रहा है। मैदान में कीचड़ व गंदा पानी भरा है और बढ़ता जा रहा है। अनेक राजनीतिक, सांस्कृतिक, खेल आयोजनों का साक्षी रहा मैदान आज बदहाल हो गया है। आज खेल मैदान बचाओ संघर्ष समिति श्रीडूंगरगढ़ ने इसे सूरसागर बनने से रोकने के लिए उपखंड कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया है। उपखंड अधिकारी के नाम तहसीलदार ओम प्रकाश मीणा को ज्ञापन सौंपते हुए समिति के लोगों ने उपखंड की आबादी का हवाला देकर इसके सुधार के लिए कदम बढ़ाने की गुजारिश प्रशासन से की है।
पार्टी, जाति, धर्म से ऊपर उठकर उठाई एक आवाज, “खेल मैदान को बचाओ”
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। आज खेल मैदान को बचाने के प्रदर्शन में कई पार्टियों, संगठनों, धर्मो के नागरिक, युवा, नजर आए और सभी ने एक ही आवाज उठाई कि खेल मैदान बचाया जाएं। यहां विरोध प्रदर्शन में पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष रामगोपाल सुथार, पूर्व चैयरमेन रामेश्वरलाल पारीक व पालिका उपाध्यक्ष बंशीधर सुथार, भाजपा नेता विनोद गिरी गुसाईं, पार्षद अरुण पारीक, विक्रम शेखावत, पवन उपाध्याय, भरत सुथार, रजत आसोपा, रामसिंह राजपुरोहित, सत्यनारायण नाई, प्रकाश मलघट, पार्षद प्रतिनिधि चांदरतन सेठिया, वेदप्रकाश सारस्वत, हेमराज बरडिया, बजरंग दल अध्यक्ष नवरत्न सिंह राजपुरोहित, भाजपा महामंत्री प्रदीप जोशी, पूर्व पार्षद गोपाल व्यास, शिवप्रसाद तावणिया, पूर्व पार्षद प्रतिनिधि उस्मान खन्ना भाटी, शहर मंडल मंत्री नंदलाल नाई, भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष महेंद्र राजपूत, शहर भाजपा उपाध्यक्ष नंदलाल गोदारा, विश्व हिंदू परिषद के सत्यनारायण स्वामी, महेश माली, अनिल कुमार वाल्मीकि, विष्णु वाल्मीकि, थानमल भाटी, एडवोकेट मदन गोपाल स्वामी, रोहित बोहरा, असकर सिलावट, इकबाल राइन, बिलाल खान बहलिम, गजु माली, छगनलाल दर्जी, गोपाल राजपुरोहित, अखिल, बनवारी नाई, पवन कुमार नाई, लेखराम बाना, वार्ड 40 के महादेव तावनिया, महेश तावणियां, कन्हैयालाल स्वामी सहित अनेक खिलाड़ी व युवा शामिल हुए।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। संघर्ष समिति ने 7 दिन में कार्रवाई नहीं होने पर जन आंदोलन की चेतावनी भी दी।