






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 13 मई 2025। ऊंचे नीचे धोरों वाला तपता रेगिस्तान, पाताल तोड़ कुंए और पानी की किल्लत के लिए पहचाना जाने वाला गांव धोलिया, आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमक उठा है। गांव में बनी फिल्म ओमलो आज कांस फेस्टिवल में प्रदर्शित हुई है। इसी के साथ फिल्म पहली राजस्थानी फिल्म बन गई है जिसे ये उपलब्धि मिली है। मंगलवार को इस खबर से गांव ही नहीं पूरे श्रीडूंगरगढ़ अंचल में उत्साह व खुशी का माहौल छा गया है। सोशल मीडिया बधाई संदेशों से भर गया है। वहीं गांव के सरल व सहज जीवन और लोगों ने फिल्म निर्माताओं का मन मोह लिया। पूरी फिल्म की शूटिंग इसी गांव में हुई। करीब दो साल पहले पूरी हुई इस राजस्थानी फिल्म ओमलो में श्रीडूंगरगढ़ के हरि मोदी सहित मुख्य किरदार ओमलो बालक के साथ उसके दोस्त की भूमिका में काम करने वाला बालक धोलिया का रामदेव सिंवल है। वहीं ओमलो की बहन का प्रभावी रोल निभाने वाली गांव की बालिका शिवानी गढ़वाल, ठेके के मालिक की भूमिका में गांव के रामूराम गोदारा, सरपंच की भूमिका में रामरख सारण सहित सुरेश गोदारा, मघाराम सहू व गांव की अनेक महिलाओं ने भी काम किया है। वहीं प्रोडक्शन का पूरा काम गांव के ही युवा सुभाष गोदारा ने किया।
ग्रामीणों ने दिया पूरा सहयोग, जताई प्रसन्नता।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गांव धोलिया में बनी आर्ट फिल्म ओमलो के इंटरनेशनल फेस्टिवल में शामिल होने पर प्रसन्नता जताते हुए बुजुर्ग रामूराम गोदारा ने बताया कि गांव के किसी कलाकार ने कोई मेहनताना नहीं लिया। ग्रामीणों के सहयोग से टीम भी प्रभावित हुई। युवा सुभाष गोदारा ने बताया कि शूटिंग में काम आने वाली गाड़ी, बकरियां, ऊंट व अन्य व्यवस्थाओं के लिए करीब 2 लाख रूपए की आमदनी भी गांव में हुई। वहीं ग्रामीणों ने सरल भाव से अपने पास मौजूद संसाधनों से पूरी टीम की सेवा सहयोग में कोई कमी नहीं रखी। सुभाष ने बताया कि जब शूटिंग पूरी हुई और टीम ने पेकअप किया तो सभी ने मिलकर केक काटा व एक दूसरे को खिलाकर मुंह मीठा करवाया। इससे पहले शूटिंग प्रारंभ भी विधि विधान से पूजन के साथ की गई थी। शूटिंग के दौरान गांव के ऊंट वाले, झोंपड़ी वाले व गाड़ी वाले खासे सक्रिय रहें व ग्रामीणों ने खासा आनंद लिया। गांव की महिलाओं ने भी कांस फेस्टिवल में फिल्म के शामिल होने की प्रसन्नता जताई। दो साल बाद आज पुन: पूरे गांव सहित श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में फिल्म की शूटिंग की चर्चाएं, किस्से जींवत हो गए है। आज पुन: एकबार जोर शोर से फिल्म की चचाएं हो रही है।
इंटरनेशनल फेस्टिवल में पहुंची पहली राजस्थानी फिल्म, भावनात्मक कहानी।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीगंगानगर की संस्था माई यूथ फाउंडेशन द्वारा हरे कृष्णा पिक्चर्स के बैनर तले बनी राजस्थानी आर्ट फिल्म “ओमलो” का 13 मई, मंगलवार को फ्रांस के कान शहर में होने वाले कांस इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में प्रीमियर प्रदर्शन किया गया है। राजस्थानी भाषा की पहली फिल्म कांस में प्रदर्शित हो रही है। इससे रंगमंच करने वालों कलाकारों में इससे नए जोश व उत्साह का संचरण हुआ है। इस आर्ट फिल्म के निर्देशक मुंबई के रणदीप चौधरी है। फिल्म के आर्ट डायरेक्टर यतीन राठौड़ है। ओमलो की कहानी एक 7 साल के बच्चे और एक ऊंट के बीच के अनूठे और भावनात्मक रिश्ते को दर्शाती है। यह फिल्म पारिवारिक हिंसा की दुखद सच्चाई को एक नए रूप में सामने लाती है। इस फिल्म में दिखाया गया है कैसे एक बच्चा अपने पिता द्वारा सहन किए दर्द और भय को जीता है। फिल्म की शक्ति इस भावनात्मक रिश्ते में है, जो ऊंट और बच्चे के बीच विकसित होता है। फिल्म में स्त्रियों की पीड़ा टूटती उम्मीदें, और एक मां की खामोश प्रार्थना को चित्रित किया गया है। जिसमें वह अपने बेटे से यह उम्मीद करती है वह इस चक्र को तोड़ सके। फिल्म का सिनेमाई दृष्टिकोण रियलिस्टिक और रॉ सिनेमा है। फिलम की शैली सीधे तौर पर दर्शकों से जुड़ती है, उन्हें सोचने के लिए मजबूर करती है। फिल्म संदेश देती है कि कभी कभी इंसान से भी ज्यादा संवेदनशीलता जानवरों में होती है। ऊंट और बच्चे के बीच यह रिश्ता ने केवल मानवता की गहराई को दर्शाता है, बल्कि यह हमें यह भी सिखाता है कि भावनाएं कहीं भी और कभी भी उभर सकती है।
हरि मोदी के अभिनय ने बटोरी सराहना।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। फिल्म ना केवल भारत बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराही जा रही है। फिल्म में तीन दशक से भी अधिक समय से रंगमंच से जुडें बीकानेर के रमेश शर्मा के साथ रंगनेत्री मीनू गौड़, श्रीडूंगरगढ़ हरि मोदी ने अभिनय किया है। हरि मोदी ने कहा कि सिनेमा एक ऐसा माध्यम है जिसके मार्फत समाज में परिवर्तन लाया जा सकता है। सिनेमा का मकसद समाज को एक मजबूत संदेश देना होता है। जिसमें ओमलो पूरी तरह से सफल हुई है। कलाकार मीनू गौड ने कहा कि फिल्म में जीवन की गहरी संवेदनाओं को बहुत ही सटीक तरीके से प्रस्तुत किया गया है। आप भी फिल्म से जुड़ी विशेष फोटो देखें गांव धोलिया से:-














