May 21, 2026
7-oct

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 7 अक्टूबर 2024। 🚩श्री गणेशाय नम:🚩

शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।

📜 आज का पंचांग 📜

☀ 07 – Oct – 2024
☀ Sri Dungargarh, India

☀ पंचांग
🔅 तिथि चतुर्थी 09:49 AM
🔅 नक्षत्र अनुराधा +02:25 AM
🔅 करण :
विष्टि 09:49 AM
बव 09:49 AM
🔅 पक्ष शुक्ल
🔅 योग प्रीति 06:38 AM
🔅 वार सोमवार

☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
🔅 सूर्योदय 06:30 AM
🔅 चन्द्रोदय 10:24 AM
🔅 चन्द्र राशि वृश्चिक
🔅 सूर्यास्त 06:12 PM
🔅 चन्द्रास्त 08:47 PM
🔅 ऋतु शरद

☀ हिन्दू मास एवं वर्ष
🔅 शक सम्वत 1946 क्रोधी
🔅 कलि सम्वत 5126
🔅 दिन काल 11:42 AM
🔅 विक्रम सम्वत 2081
🔅 मास अमांत आश्विन
🔅 मास पूर्णिमांत आश्विन

☀ शुभ और अशुभ समय
☀ शुभ समय
🔅 अभिजित 11:58:00 – 12:44:51
☀ अशुभ समय
🔅 दुष्टमुहूर्त 12:44 PM – 01:31 PM
🔅 कंटक 08:50 AM – 09:37 AM
🔅 यमघण्ट 11:58 AM – 12:44 PM
🔅 राहु काल 07:57 AM – 09:25 AM
🔅 कुलिक 03:05 PM – 03:52 PM
🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 10:24 AM – 11:11 AM
🔅 यमगण्ड 10:53 AM – 12:21 PM
🔅 गुलिक काल 01:49 PM – 03:17 PM
☀ दिशा शूल
🔅 दिशा शूल पूर्व

☀ चन्द्रबल और ताराबल
☀ ताराबल
🔅 अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती
☀ चन्द्रबल
🔅 वृषभ, मिथुन, कन्या, वृश्चिक, मकर, कुम्भ

📜 चोघडिया 📜

🔅अमृत 06:30:06 – 07:57:55
🔅काल 07:57:55 – 09:25:45
🔅शुभ 09:25:45 – 10:53:35
🔅रोग 10:53:35 – 12:21:25
🔅उद्वेग 12:21:25 – 13:49:15
🔅चल 13:49:15 – 15:17:05
🔅लाभ 15:17:05 – 16:44:55
🔅अमृत 16:44:55 – 18:12:45
🔅चल 18:12:45 – 19:45:00
🔅रोग 19:45:00 – 21:17:14
🔅काल 21:17:14 – 22:49:28
🔅लाभ 22:49:28 – 24:21:42
🔅उद्वेग 24:21:42 – 25:53:56
🔅शुभ 25:53:56 – 27:26:10
🔅अमृत 27:26:10 – 28:58:24
🔅चल 28:58:24 – 30:30:38

❄️लग्न तालिका ❄️

🔅 कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: 05:02 AM समाप्त: 07:18 AM

🔅 तुला चर
शुरू: 07:18 AM समाप्त: 09:37 AM

🔅 वृश्चिक स्थिर
शुरू: 09:37 AM समाप्त: 11:56 AM

🔅 धनु द्विस्वाभाव
शुरू: 11:56 AM समाप्त: 02:00 PM

🔅 मकर चर
शुरू: 02:00 PM समाप्त: 03:43 PM

🔅 कुम्भ स्थिर
शुरू: 03:43 PM समाप्त: 05:12 PM

🔅 मीन द्विस्वाभाव
शुरू: 05:12 PM समाप्त: 06:37 PM

🔅 मेष चर
शुरू: 06:37 PM समाप्त: 08:13 PM

🔅 वृषभ स्थिर
शुरू: 08:13 PM समाप्त: 10:09 PM

🔅 मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 10:09 PM समाप्त: अगले दिन 00:24 AM

🔅 कर्क चर
शुरू: अगले दिन 00:24 AM समाप्त: अगले दिन 02:45 AM

🔅 सिंह स्थिर
शुरू: अगले दिन 02:45 AM समाप्त: अगले दिन 05:02 AM

🚩शारदीय नवरात्रि🚩

नवरात्र के पांचवें दिन माता स्कंदमाता की पूजा की जाती है। माता स्कंदमाता कुमार कार्तिकेय की माता है। पांचवें दिन माता के इस रूप की आराधना करने से उपवासक को स्वत: ही सभी सिद्धियां प्राप्त होती हैं। इस दिन माता को केले का भोग लगाया जाता है। केले का भोग लगाने से शरीर स्वस्थ रहता है।

पण्डित विष्णुदत्त शास्त्री
8290814026