






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 22 अक्टूबर 2025।🚩श्री गणेशाय नम:🚩 शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।
📜 आज का पंचांग 📜
☀ 22-Oct-2025
☀ Sri Dungargarh, India
🔅 तिथि प्रतिपदा 08:18 PM
🔅 नक्षत्र स्वाति 01:51 AM
🔅 करण किन्स्तुघ्ना, बव 07:05 AM
🔅 पक्ष शुक्ल
🔅 योग प्रीति 04:04 AM
🔅 वार बुधवार
☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
🔅 सूर्योदय 06:38 AM
🔅 चन्द्रोदय 07:13 AM
🔅 चन्द्र राशि तुला
🔅 चन्द्र वास पश्चिम
🔅 सूर्यास्त 05:58 PM
🔅 चन्द्रास्त 06:12 PM
🔅 ऋतु शरद
☀ हिन्दू मास एवं वर्ष
🔅 शक सम्वत 1947 विश्वावसु
🔅 काली सम्वत 5126
🔅 दिन काल 11:20:11
🔅 विक्रम सम्वत 2082
🔅 मास अमांत कार्तिक
🔅 मास पूर्णिमांत कार्तिक
☀ शुभ और अशुभ समय
☀ शुभ समय
🔅 अभिजीत
☀ अशुभ समय
🔅 दुष्टमुहूर्त 11:55 AM 12:40 PM
🔅 कंटक 04:27 PM 05:13 PM
🔅 यमघण्ट 08:54 AM 09:39 AM
🔅 राहु काल 12:18 PM 01:43 PM
🔅 कुलिक 11:55 AM 12:40 PM
🔅 कालवेला / अर्द्धयाम 07:23 AM 08:08 AM
🔅 यमगण्ड 08:03 AM 09:28 AM
🔅 गुलिक काल 10:53 AM 12:18 PM
☀ दिशा शूल
🔅 दिशा शूल उत्तर
☀ चन्द्रबल और ताराबल
☀ ताराबल
🔅 अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद
☀ चन्द्रबल
🔅 मेष, वृषभ, सिंह, तुला, धनु, मकर
📜 चोघडिया 📜
🔅 लाभ 06:38 AM – 08:03 AM
🔅 अमृत 08:03 AM – 09:28 AM
🔅 काल 09:28 AM – 10:53 AM
🔅 शुभ 10:53 AM – 12:18 PM
🔅 रोग 12:18 PM – 01:43 PM
🔅 उद्वेग 01:43 PM – 03:08 PM
🔅 चल 03:08 PM – 04:33 PM
🔅 लाभ 04:33 PM – 05:58 PM
🔅 उद्वेग 05:58 PM – 07:33 PM
🔅 शुभ 07:33 PM – 09:08 PM
🔅 अमृत 09:08 PM – 10:43 PM
🔅 चल 10:43 PM – 00:18 AM
🔅 रोग 00:18 AM – 01:53 AM
🔅 काल 01:53 AM – 03:28 AM
🔅 लाभ 03:28 AM – 05:03 AM
🔅 उद्वेग 05:03 AM – 06:38 AM
📜 लग्न तालिका 📜
🔅 तुला चर
शुरू: 06:20 AM समाप्त: 08:39 AM
🔅 वृश्चिक स्थिर
शुरू: 08:39 AM समाप्त: 10:58 AM
🔅 धनु द्विस्वाभाव
शुरू: 10:58 AM समाप्त: 01:02 PM
🔅 मकर चर
शुरू: 01:02 PM समाप्त: 02:45 PM
🔅 कुम्भ स्थिर
शुरू: 02:45 PM समाप्त: 04:13 PM
🔅 मीन द्विस्वाभाव
शुरू: 04:13 PM समाप्त: 05:39 PM
🔅 मेष चर
शुरू: 05:39 PM समाप्त: 07:15 PM
🔅 वृषभ स्थिर
शुरू: 07:15 PM समाप्त: 09:11 PM
🔅 मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 09:11 PM समाप्त: 11:26 PM
🔅 कर्क चर
शुरू: 11:26 PM समाप्त: 01:46 AM
🔅 सिंह स्थिर
शुरू: 01:46 AM समाप्त: 04:04 AM
🔅 कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: 04:04 AM समाप्त: 06:20 AM
🌺।। आज का दिन मंगलमय हो।।🌺
बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
* बुधवार को सभी ग्रहो के राजकुमार बुध देव की आराधना करने से ज्ञान मिलता है, वाकपटुता में प्रवीणता आती है, धन लाभ होता है ।
🌼 गोवर्धन पूजा
अन्नकूट
आज भगवान श्री कृष्ण जी को अत्यंत प्रिय गोवर्धन पूजा / अन्नकूट का पर्व है । कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा अर्थात दीपावली के दुसरे दिन गोवर्धन पूजा एवं अन्नकूट पूजा का पर्व मनाया जाता है इस दिन भारी मात्रा में पकवान बनाकर, 56 भोग बनाकर भगवान श्री कृष्ण / भगवान विष्णु को भोग लगाया जाता है। इस दिन सुख , सौभाग्य एवं वर्ष पर्यंत आर्थिक समृद्धि के लिए विभिन्न प्रकार के शाक , फल , अन्न , दूध , दूध से बने पदार्थ मिष्ठान , मालपुए , आदि से भगवान को भोग लगाया जाता है ।
शास्त्रों के अनुसार एक बार भगवान श्री कृष्ण ने ब्रजवासियों को देवराज इंद्र के क्रोध के कारण हो रही मूसलधार वर्षा से बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को 7 दिन तक अपनी सबसे छोटी उंगली पर उठाया था।
पण्डित विष्णुदत्त शास्त्री



