






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 5 अक्टूबर 2024। 🚩श्री गणेशाय नम:🚩
शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।
📜 आज का पंचांग 📜
☀ 05 – Oct – 2024
☀ Sri Dungargarh, India
☀ पंचांग
🔅 तिथि तृतीया पूर्ण रात्रि
🔅 नक्षत्र स्वाति 09:33 PM
🔅 करण तैतिल 06:44 PM
🔅 पक्ष शुक्ल
🔅 योग विश्कुम्भ +06:07 AM
🔅 वार शनिवार
☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
🔅 सूर्योदय 06:29 AM
🔅 चन्द्रोदय 08:31 AM
🔅 चन्द्र राशि तुला
🔅 चन्द्र वास पश्चिम
🔅 सूर्यास्त 06:14 PM
🔅 चन्द्रास्त 07:30 PM
🔅 ऋतु शरद
☀ हिन्दू मास एवं वर्ष
🔅 शक सम्वत 1946 क्रोधी
🔅 कलि सम्वत 5126
🔅 दिन काल 11:45 AM
🔅 विक्रम सम्वत 2081
🔅 मास अमांत आश्विन
🔅 मास पूर्णिमांत आश्विन
☀ शुभ और अशुभ समय
☀ शुभ समय
🔅 अभिजित 11:58:28 – 12:45:32
☀ अशुभ समय
🔅 दुष्टमुहूर्त 06:29 AM – 07:16 AM
🔅 कंटक 11:58 AM – 12:45 PM
🔅 यमघण्ट 03:06 PM – 03:53 PM
🔅 राहु काल 09:25 AM – 10:53 AM
🔅 कुलिक 07:16 AM – 08:03 AM
🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 01:32 PM – 02:19 PM
🔅 यमगण्ड 01:50 PM – 03:18 PM
🔅 गुलिक काल 06:29 AM – 07:57 AM
☀ दिशा शूल
🔅 दिशा शूल पूर्व
☀ चन्द्रबल और ताराबल
☀ ताराबल
🔅 अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद
☀ चन्द्रबल
🔅 मेष, वृषभ, सिंह, तुला, धनु, मकर
📜 चोघडिया 📜
🔅काल 06:29:02 – 07:57:16
🔅शुभ 07:57:16 – 09:25:31
🔅रोग 09:25:31 – 10:53:45
🔅उद्वेग 10:53:45 – 12:22:00
🔅चल 12:22:00 – 13:50:15
🔅लाभ 13:50:15 – 15:18:29
🔅अमृत 15:18:29 – 16:46:44
🔅काल 16:46:44 – 18:14:59
🔅लाभ 18:14:59 – 19:46:48
🔅उद्वेग 19:46:48 – 21:18:37
🔅शुभ 21:18:37 – 22:50:27
🔅अमृत 22:50:27 – 24:22:16
🔅चल 24:22:16 – 25:54:05
🔅रोग 25:54:05 – 27:25:55
🔅काल 27:25:55 – 28:57:44
🔅लाभ 28:57:44 – 30:29:33
🚩श्री गणेशाय नम:🚩
☀ 05 – Oct – 2024
☀ Sri Dungargarh, India
सूर्योदय का समय: 06:29:02
वर्तमान लग्न कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: 05:10 AM समाप्त: 07:26 AM
सूर्योदय के समय लग्न कन्या द्विस्वाभाव
167°27′43″
🔅 कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: 05:10 AM समाप्त: 07:26 AM
🔅 तुला चर
शुरू: 07:26 AM समाप्त: 09:45 AM
🔅 वृश्चिक स्थिर
शुरू: 09:45 AM समाप्त: 12:04 PM
🔅 धनु द्विस्वाभाव
शुरू: 12:04 PM समाप्त: 02:08 PM
🔅 मकर चर
शुरू: 02:08 PM समाप्त: 03:51 PM
🔅 कुम्भ स्थिर
शुरू: 03:51 PM समाप्त: 05:19 PM
🔅 मीन द्विस्वाभाव
शुरू: 05:19 PM समाप्त: 06:45 PM
🔅 मेष चर
शुरू: 06:45 PM समाप्त: 08:21 PM
🔅 वृषभ स्थिर
शुरू: 08:21 PM समाप्त: 10:17 PM
🔅 मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 10:17 PM समाप्त: अगले दिन 00:32 AM
🔅 कर्क चर
शुरू: अगले दिन 00:32 AM समाप्त: अगले दिन 02:52 AM
🔅 सिंह स्थिर
शुरू: अगले दिन 02:52 AM समाप्त: अगले दिन 05:10 AM
🚩शारदीय नवरात्रि 🚩
माता के तीसरे रूप में चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। माता चंद्रघंटा का पूजन करने से उपासक की सभी मनोइच्छा स्वत: पूरी हो जाती है तथा वह सांसारिक कष्टों से मुक्ति पाता है। माता की पूजा करते समय उनको दूध या दूध से बनी मिठाई अथवा खीर का भोग लगाया जाता है।
पण्डित विष्णुदत्त शास्त्री
8290814026




