May 21, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 15 दिसंबर 2021। श्रीडूंगरगढ़ कस्बे में आप इन दिनों सड़क पर गुड़ का ट्रेक्टर खड़े देखते होंगे जो गुड़ व गुड़ की शक्कर बेचते नजर आते है। इस सामान्य सी बात को आज खास नजर से देखें ये गुड़ बेचने वाले आपका मूंह मीठा करवाने 454 किलोमीटर दूर से श्रीडूंगरगढ़ आए है। घुमचक्कर के पास गुड़ बेच रहें 22 वर्षीय शाहरूख ने बताया कि वह बुढाणा गांव यूपी से यहां आया है और अपने ट्रेक्टर पर ही दिन रात गुजार रहा है। उसके पिता साथ आए थे परन्तु वे अब घर लौट गए है। शाहरूख ने बताया कि उनके खेत में गन्ने की खेती होती है और गन्ने से गुड़ बनाने का कार्य वे अपने घर की भट्टी में ही करते है। वहां भाव अच्छे नहीं मिलने के कारण वे गुड़ यहां लेकर आ जातें है और अच्छे भाव के लिए यहां बेचते है। शाहरूख ने टाइम्स को बताया कि उनका परिवार यही काम करता है और बिना किसी कैमिकल व यूरिया की मिलावट के गुड़ बनाते है। उसने बताया कि प्रति वर्ष हाथोंहाथ यहां ये गुड़ बिक्री हो जाता है परन्तु इस बार मंदी ही है। बता देवें कस्बे में चार स्थानों पर इस गुड़ की बिक्री कर रहें है।

इस गुड़ की चाय नहीं फटती है, सेहत के लिए फायदेमंद है।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सर्दी के मौसम की दस्तक के साथ ही कस्बे में गुड़ की बिक्री दुगुनी हो जाती है। गन्ने के रस से बने गुड़ को उसकी उपयोगिता के कारण आमजन में काफी पसंद किया जाता है। सर्दियों में गुड़ से बनी चाय ग्रामीण क्षेत्र से लेकर शहर तक प्रचलन में है। शाहरुख ने बताया कि गन्ने की गुणवत्ता के अनुसार गुड़ की गुणवत्ता तैयार होती है। उसने बताया कि हमारा गुड़ पूर्ण रूप से देसी है जिसमें किसी भी प्रकार का सोडा और रसायन नहीं मिलाया गया है। इसलिए इसे खाने पर किसी भी तरह से नुकसान नहीं होता और दूध से बनी चाय नहीं फटती है।

45 से लेकर 100 रुपये किलो तक का गुड़।
श्रीडूंगरगढ टाइम्स। घुमचक्कर के पास गुड़ बेच रहे शाहरुख ने कहा कि रोज का 100किलो के आस पास गुड़ बिक जाता है जिसमें 45 रुपये से लेकर 100 रुपये भाव तक का गुड़ है।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सड़क किनारे बेच रहे है बिना कैमिकल व यूरिया का गुड़।