






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 10 दिसम्बर 2020। गांवो में जहां सरकार प्रौढ़शिक्षा व महिला शिक्षा की अलख जगाते हुए में कई योजनाएं चल रही है वहीं हमारे क्षेत्र में इस आधी आबादी की शिक्षा अभी दूर की कौड़ी ही है। श्रीडूंगरगढ़ प्रधान आज बन जाएगी और रोचक बात ये है कि पंचायतों के सभी सिस्टम एक ओर जहां ऑनलाइन कर डिजिटलीकरण किया जा रहा है वहीं हमारे क्षेत्र में राजनीति को जीत कर साक्षरता दूसरे पायदान पर खड़ी है। कांग्रेस से प्रधान दावेदार सावित्री देवी, सीपीएम के समर्थन ने निर्दलीय प्रधान की दावेदार सरोज देवी दोनों निरक्षर है और भाजपा से दावेदार बाधुदेवी सभी सदस्यों मे एकमात्र स्नातक दावेदार है। श्रीडूंगरगढ पंचायत समिति के चयनित सदस्यों में एक सदस्य स्नातक पास है व एक बाहरवीं पास तथा एक आठवीं पास है और ये तीनों ही सर्वाधिक पढें लिखे सदस्य होंगे। रोचक बात यह है कि 16 सदस्य अनपढ़ है और 2 मात्र साक्षर है। अब इनमें यह भी संभव है कि फॉर्म भरते हुए मार्कशीट प्रस्तुत करने की बाध्यता के कारण फॉर्म में उन्हें अनपढ़ बता दिया गया हो। उनके निर्वाचन पत्र के अनुसार यहां एक स्नातक महिला बाधुदेवी हैं, एक 12वीं पास महिला ओमीदेवी है, एक 8वीं पास महिला जसोदा देवी है। दो साक्षर में नत्थूसिंह व ओमप्रकाश शामिल है तथा बाकी सभी महिलाऐं अनपढ़ है। आज भी हमारे क्षेत्र में महिला शिक्षा चितंनीय स्थिति में ही है।



