






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 7 अक्टूबर 2025। अणुव्रत समिति श्रीडूंगरगढ़ द्वारा अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के सातवें व अंतिम दिन मंलगवार सुबह ‘जीवन विज्ञान दिवस’ पर मालू भवन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। साध्वी संगीतश्रीजी व डॉ. साध्वी परमप्रभाजी के सान्निध्य में आयोजित कार्यक्रम प्रेरणीय व प्रभावी रहा। डॉ. साध्वी परमप्रभाजी ने अपने रोचक एवं व्यवहारिक प्रयोगों के माध्यम से विद्यार्थियों को जागरूक किया। उन्होंने ध्यान मुद्रा, महाप्राण ध्वनि, और “कान खींचो और बुद्धिमान बनो” जैसे अभ्यास करवाकर जीवन में एकाग्रता और सकारात्मक सोच का संदेश दिया। साथ ही विद्यार्थियों को दैनिक जीवन के नियमों का पालन करने की प्रेरणा दी। साध्वी संगीतश्री जी ने गीतिका के माध्यम से नशामुक्त जीवन का संकल्प दिलाया, वहीं साध्वी कमलविभाजी ने अणुव्रत के नियमों के पालन की महत्ता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में 125 से अधिक विद्यार्थी शामिल हुए जिन्हें जीवन जीने की कला, गुस्सा न करना, नशामुक्त रहना, बड़ों का सम्मान करना, आध्यात्म से जुड़ना, प्रतिदिन प्राणायाम करना आदि का संकल्प दिलवाया गया। विदित रहें समिति द्वारा अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के सातों दिन सार्थक आयोजन किए गए, जिनसे जीवन को श्रेष्ठ बनाने की प्रेरणा मिल सकी। सभी विद्यार्थियों ने भी एक विशेष गीतिका प्रस्तुत की और साध्वी वृंद का आभार जताया। जयपुर पब्लिक स्कूल व रमन आईटीआई के निदेशक व कार्यक्रम के प्रभारी कुंभाराम घिंटाला ने अणुव्रत आंदोलन के बारे में जानकारी देते हुए इसे व्यक्तिगत जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन करने वाला बताया। कार्यक्रम में बाल निकेतन स्कूल, रमन आईटीआई कॉलेज, महाराणा प्रताप स्कूल सहित अनेक शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थी, शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में समिति उपाध्यक्ष सत्यनारायण स्वामी ने साध्वी श्रीजी, विद्यार्थियों, शिक्षकों, अतिथियों एवं उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन समिति अध्यक्ष सुमति पारख के नेतृत्व में प्रभारी कुंभाराम घिंटाला व सह प्रभारी राजीव श्रीवास्तव की उपस्थिति में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में समिति से शुभकरण पारीक,विशाल स्वामी, मुकेश स्वामी,अशोक झाबक सहित सदस्य, सभी संघीय संस्थाएं के सदस्य, विभिन्न शिक्षण संस्थानों के शिक्षक, विद्यार्थी, समाजजनों की गरिमामय उपस्थिति रही। कार्यकम का कुशल संचालन चमन श्रीमाल ने किया।




