






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 8 दिसंबर 2023। ये खबर क्षेत्र के एक गांव के ग्रामीणों की सह्रदयता की खबर है जिसे लिखने का उद्देश्य भी समाज में स्नेह व सहयोग के भाव को बढ़ावा देना ही है। आज एक ओर जहाँ अपने बच्चों के विवाह में खूब खर्च ही नहीं फिजूल खर्च करते हुए अनेक लोग यहां वहां नजर आ ही जाते है। परंतु किसी पराए की जरूरत में काम आना व उससे स्नेह का बंधन निभाने वाले उदाहरण कम ही नजर आते है। बेटी के विवाह जैसे मौके पर किसी परिवार को दी जाने वाली छोटी मदद भी परिवार को बड़ा सहारा देने वाली साबित होती है और पूरा परिवार मदद के लिए बढ़े हाथों का गद्गद भाव से आभार जताते नजर आते है। ऐसा एक दृश्य साकार हुआ आज क्षेत्र के गांव बाना में, यहां गौशाला में गाय चराने का कार्य करने वाले एक बणजारे परिवार की दो बेटियों का विवाह आया तो अनेक ग्रामीण मामा बनकर मायरा भरने आए और परिवार की मदद की। बीपीएल परिवार की मदद में कुछ ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से 1 लाख 11 हजार की राशि एकत्र की और अनेक घरों से वस्त्र, बर्तन, सजावटी व अन्य छोटा मोटा सामान दिया गया। ग्रामीण सामान व नगदी राशि लेकर बणजारे के घर पहुंचे और गीत संगीत के साथ मायरा भरा। बेटियों के पिता को नगदी सौंपकर साफा पहनाकर सम्मान किया गया। हंसी खुशी ग्रामीण मायरा भरकर लौट गए पर उनके इस सकारात्मक कार्य की गूंज क्षेत्र में खनक रही है। गांव के बड़े बुजुर्ग इस कार्य की सराहना कर रहें है वहीं महिलाओ में भी “भलो काम करयों रे मोटयारो” की चर्चाओं में प्रशंसा पा रहा है। गांव के एक बुजुर्ग ने कहा कि “सगला माय मदद रो इसो जज्बो हो ज्याव तो गरीब न भी बेटी परनाण की चिंता परेशान नहीं कर सकें।” बहरहाल ग्रामीण युवाओं को एक-साथ मिलजुलकर परहित के कार्य करने की प्रेरणा दे रहें है।






