






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 14 मई 2021। आज श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के घर घर में सात धान का खीचड़ पका है और किसानों ने खेतों में हलोतिया किया है। किसानी के औजारों का पूजन किया गया वहीं घरों में नए मटकों में पानी भर कर पूजन किया गया। धन धान्य का प्रतीक आखातीज कोरोना काल में उम्मीद की नई किरण लेकर आई है। किसानों ने खेतों में जाकर जमाने के शगुन लिए हल व हाली को राखी बांध कर बिजाई प्रारंभ करवाई। कृषि कुओं पर मूंगफली की बिजाई की गई है और बारानी में भी हल चला कर बुवाई का रीति निभाई गई। गांव सातलेरा के किसान मालाराम सारस्वत, मोटाराम जाखड़, कमल कुमार जाखड़, मामराज ने जानकारी दी कि इस बार अच्छे जमाने के अच्छे आसार मिले है। किसान मालाराम सारस्वत ने बताया कि सुबह खेतों की ओर निकले तो तीतर, सांड ने भरपूर जमाने के शगुन दिए है।
प्रवासी युवाओं ने थामे हल, धरती की गोद से धान उपजाने की ठानी, पढ़ें सकारात्मक खबर।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 14 मई 2021। प्रवासी युवाओं ने क्षेत्र में इस बार अपने खेतों का रुख किया है और आज आखातीज पर जमाने के अच्छे शगुन मिलने पर लॉकडाउन में धरती की गोद से धान उपजाने की ठानी है। आज गांवों का माहौल इस कोरोना काल की निराशा में एक नई उम्मीद की रोशनी भी बांट रहा है। युवा हाथों में चौसंगी, फावड़ा, जेई आदि औजार लेकर चले तो धरती भी जैसे झूम उठी। उदरासर गांव के युवा किसान धर्मपाल गोदारा ने बताया की सूर्य उदय के समय खेत में हिरणों व तीतरों की आवाजें आई जो भरपूर जमाने का शगुन है। प्रवासी युवक गजानन्द, ओमप्रकाश शर्मा ने कहा कि हम किसान पुत्र है और मेहनत ही हमारा धर्म है। लोकडाउन में अपनी नोकरियों में ना सही हम अपने खेतों में मेहनत करेंगे। युवाओं में खासा जोश आखातीज के पर्व ने भर दिया है।















