






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 19 मार्च 2021। विधायक निधि के माध्यम से जनता की समस्या दूर करने और जनता को खुद से जोड़ कर रखने का ट्रेंड है। लेकिन विधायक कोष के गत वर्ष कोरोना के कारण की गई कटौती के बाद पूरे प्रदेश के विधायकों से अपने अपने क्षेत्र की जनता नाराज थी। ऐसे में अब विधायको के पास अपने क्षेत्र की जनता की सारी नाराजगी दूर करने का भरपूर मौका होगा और माध्यम होगा दुगुना होने वाला एमएलए फंड। गुरुवार शाम 7 बजे राजस्थान विधानसभा में बजट के दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान के विधायकों का फंड सांसदों के बराबर कर दिया है। एक विधायक के पास अभी तक 2.25 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष का फंड होता था जिसे 5 करपड रुपये प्रतिवर्ष करने का निर्णय हो चुका है। राज्य भर में अभी तक विधायक निधि सालाना 450 करोड़ होती थी जो अब 1000 करोड़ होगी। मात्र 4 मिनिट में विधानसभा में इसकी घोषणा कर दी गई। अध्यक्ष सीपी जोशी ने फंड बढ़ाने की बात कही तो गहलोत ने कहा आप जितना कहेंगे उतना कर देंगे इस पर जोशी ने नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया जितना कहे उतना फंड होगा। उपनेता राजेंद्र राठौड़ ने इस महंगाई में 5 करोड़ करने की मांग की और कटारिया ने यही राशि करने को कहा। गहलोत ने तुरन्त ही इसकी घोषणा कर दी। हालांकि ये कब से लागू होगा ये अभी तय नहीं किया गया है।



