






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 23 जनवरी 2024। यह सच है कि जीवन के उतरार्द्ध में पति-पत्नी ही सुख-दुख के साथी होते है लेकिन यह भी उतना ही बड़ा सच है कि जीवन में पूर्वाद्ध में पति-पत्नी से कहीं अधिक समय परिवारों में सास-बहू को एक साथ बिताना होता है। ऐसे में सही मायने में एक सास ही बहू की एवं एक बहू ही सास की सुख-दुख की सच्ची साथी बन सकती है। यह प्रेरणा दी गई मंगलवार को तेरापंथ सेवाकेन्द्र में तेरापंथ महिला मंडल द्वारा आयोजित सास-बहू कार्यशाला में। अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के निर्देशों पर स्थानीय इकाई द्वारा आयोजित इस कार्यशाला में सेवाकेन्द्र व्यवस्थापिका साध्वी संपूर्णयशा का सान्निध्य रहा। कार्यशाला में 15 सास-बहू के जोड़ों ने भाग लिया जिन्हें प्रेरणा उद्बोधन देते हुए साध्वीश्री ने सास-बहू के रिश्ते में प्रेम, करूणा, सौहार्द एवं केयर के टिप्स बताए। साध्वी ललित रेखा ने भी विभिन्न उदाहरणों से सास-बहू के रिश्ते में प्रेम रहने से ही भारतीय संस्कृति के आधार परिवार का भविष्य बताया। महिला मंडल मंत्री संगीता बोथरा ने बताया कि कार्यक्रम में ममता डागा ने भी विचार रखे एवं अध्यक्षा सुनीता डागा ने स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम संयोजन उर्मिला गिया ने किया एवं गुंजन छाजेड़ ने सभी का आभार जताया। कन्या मंडल के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया गया।




