May 20, 2026
27-aug

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 27 अगस्त 2025।🚩श्री गणेशाय नम:🚩शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।

📜 आज का पंचांग 📜

☀ 27-Aug-2025
☀ Sri Dungargarh, India

🔅 तिथि चतुर्थी 03:46 PM
🔅 नक्षत्र चित्रा पूर्ण रात्रि
🔅 करण विष्टि, बव 03:46 PM
🔅 पक्ष शुक्ल
🔅 योग शुभ 12:34 PM
🔅 वार बुधवार
☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
🔅 सूर्योदय 06:09 AM
🔅 चन्द्रोदय 09:41 AM
🔅 चन्द्र राशि कन्या 07:22 PM
🔅 चन्द्र वास दक्षिण
🔅 सूर्यास्त 07:01 PM
🔅 चन्द्रास्त 09:10 PM
🔅 ऋतु शरद
☀ हिन्दू मास एवं वर्ष
🔅 शक सम्वत 1947 विश्वावसु
🔅 काली सम्वत 5126
🔅 दिन काल 12:51:29
🔅 विक्रम सम्वत 2082
🔅 मास अमांत भाद्रपद
🔅 मास पूर्णिमांत भाद्रपद
☀ शुभ और अशुभ समय
☀ शुभ समय
🔅 अभिजीत
☀ अशुभ समय
🔅 दुष्टमुहूर्त 12:09 PM 01:01 PM
🔅 कंटक 05:18 PM 06:09 PM
🔅 यमघण्ट 08:43 AM 09:35 AM
🔅 राहु काल 12:35 PM 02:11 PM
🔅 कुलिक 12:09 PM 01:01 PM
🔅 कालवेला / अर्द्धयाम 07:01 AM 07:52 AM
🔅 यमगण्ड 07:46 AM 09:22 AM
🔅 गुलिक काल 10:58 AM 12:35 PM
☀ दिशा शूल
🔅 दिशा शूल उत्तर
☀ चन्द्रबल और ताराबल
☀ ताराबल
🔅 भरणी, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती
☀ चन्द्रबल
🔅 मेष, कर्क, कन्या, वृश्चिक, धनु, मीन

📜 चोघडिया 📜

🔅 लाभ 06:10 AM – 07:46 AM
🔅 अमृत 07:46 AM – 09:22 AM
🔅 काल 09:22 AM – 10:59 AM
🔅 शुभ 10:59 AM – 12:35 PM
🔅 रोग 12:35 PM – 02:11 PM
🔅 उद्वेग 02:11 PM – 03:48 PM
🔅 चल 03:48 PM – 05:24 PM
🔅 लाभ 05:24 PM – 07:00 PM
🔅 उद्वेग 07:00 PM – 08:24 PM
🔅 शुभ 08:24 PM – 09:48 PM
🔅 अमृत 09:48 PM – 11:11 PM
🔅 चल 11:11 PM – 00:35 AM
🔅 रोग 00:35 AM – 01:59 AM
🔅 काल 01:59 AM – 03:22 AM
🔅 लाभ 03:22 AM – 04:46 AM
🔅 उद्वेग 04:46 AM – 06:10 AM

📜 लग्न तालिका 📜

🔅 सिंह स्थिर
शुरू: 05:27 AM समाप्त: 07:44 AM

🔅 कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: 07:44 AM समाप्त: 10:00 AM

🔅 तुला चर
शुरू: 10:00 AM समाप्त: 12:20 PM

🔅 वृश्चिक स्थिर
शुरू: 12:20 PM समाप्त: 02:38 PM

🔅 धनु द्विस्वाभाव
शुरू: 02:38 PM समाप्त: 04:43 PM

🔅 मकर चर
शुरू: 04:43 PM समाप्त: 06:26 PM

🔅 कुम्भ स्थिर
शुरू: 06:26 PM समाप्त: 07:54 PM

🔅 मीन द्विस्वाभाव
शुरू: 07:54 PM समाप्त: 09:20 PM

🔅 मेष चर
शुरू: 09:20 PM समाप्त: 10:56 PM

🔅 वृषभ स्थिर
शुरू: 10:56 PM समाप्त: 00:52 AM

🔅 मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 00:52 AM समाप्त: 03:07 AM

🔅 कर्क चर
शुरू: 03:07 AM समाप्त: 05:27 AM

🌺।। आज का दिन मंगलमय हो।।🌺

बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

* बुधवार को सभी ग्रहो के राजकुमार बुध देव की आराधना करने से ज्ञान मिलता है, वाकपटुता में प्रवीणता आती है, धन लाभ होता है ।

🌼 गणेश चतुर्थी 🌼

गणेश चतुर्थी हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। यह त्योहार भारत के विभिन्न भागों में मनाया जाता है किन्तु महाराष्ट्र व कर्नाटका में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। पुराणों के अनुसार इसी दिन भगवान श्री गणेश जी का जन्म हुआ था।गणेश चतुर्थी पर गणेशजी की पूजा की जाती है। एवं दूर्वा और मोदक का भोग लगाया जाता है कई प्रमुख जगहों पर भगवान गणेश की बड़ी प्रतिमा स्थापित की जाती है। इस प्रतिमा का नौ दिनों तक पूजन किया जाता है। बड़ी संख्या में आस पास के लोग दर्शन करने पहुँचते है। नौ दिन बाद गानों और बाजों के साथ गणेश प्रतिमा को किसी तालाब, महासागर इत्यादि जल में विसर्जित किया जाता है। गणेशजी को लंबोदर के नाम से भी जाना जाता है ।

प्रथम पूजनीय भगवान गणेश पूजन का समय मध्याह्नकाल वृश्चिक लग्न में बताया गया है। आज के दिन 11.13 बजे से दोपहर 1.45 बजे तक रहेगा। जिसमें दोपहर 12.11 से दोपहर 1.45 तक श्रेष्ठ समय रहेगा। इसके अतिरिक्त सुबह 6.08 से 9.18 तक शुभ, पूर्वाह्न में 10.53 से दोपहर 12.28 तक शुभ के बाद दोपहर 3.39 से शाम 6.49 तक चर व लाभ के चौघड़ियों में भी गणेश पूजन के साथ खरीददारी करना श्रेष्ठ रहेगा।

पण्डित विष्णुदत्त शास्त्री
8290814026