






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 29 अक्टूबर 2024। 🚩श्री गणेशाय नम:🚩
शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।
📜 आज का पंचांग 📜
☀ 29 – Oct – 2024
☀ Sri Dungargarh, India
☀ पंचांग
🔅 तिथि द्वादशी 10:34 AM
🔅 नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी 06:34 PM
🔅 करण :
तैतिल 10:34 AM
गर 10:34 AM
🔅 पक्ष कृष्ण
🔅 योग एन्द्र 07:46 AM
🔅 वार मंगलवार
☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
🔅 सूर्योदय 06:43 AM
🔅 चन्द्रोदय +04:40 AM
🔅 चन्द्र राशि कन्या
🔅 चन्द्र वास दक्षिण
🔅 सूर्यास्त 05:51 PM
🔅 चन्द्रास्त 04:10 PM
🔅 ऋतु हेमंत
☀ हिन्दू मास एवं वर्ष
🔅 शक सम्वत 1946 क्रोधी
🔅 कलि सम्वत 5126
🔅 दिन काल 11:07 AM
🔅 विक्रम सम्वत 2081
🔅 मास अमांत आश्विन
🔅 मास पूर्णिमांत कार्तिक
☀ शुभ और अशुभ समय
☀ शुभ समय
🔅 अभिजित 11:55:13 – 12:39:45
☀ अशुभ समय
🔅 दुष्टमुहूर्त 08:57 AM – 09:41 AM
🔅 कंटक 07:28 AM – 08:12 AM
🔅 यमघण्ट 10:26 AM – 11:10 AM
🔅 राहु काल 03:04 PM – 04:27 PM
🔅 कुलिक 01:24 PM – 02:08 PM
🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 08:57 AM – 09:41 AM
🔅 यमगण्ड 09:30 AM – 10:53 AM
🔅 गुलिक काल 12:17 PM – 01:40 PM
☀ दिशा शूल
🔅 दिशा शूल उत्तर
☀ चन्द्रबल और ताराबल
☀ ताराबल
🔅 भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती
☀ चन्द्रबल
🔅 मेष, कर्क, कन्या, वृश्चिक, धनु, मीन
📜 चोघडिया 📜
🔅रोग 06:43:29 – 08:06:59
🔅उद्वेग 08:06:59 – 09:30:29
🔅चल 09:30:29 – 10:53:59
🔅लाभ 10:53:59 – 12:17:29
🔅अमृत 12:17:29 – 13:40:59
🔅काल 13:40:59 – 15:04:29
🔅शुभ 15:04:29 – 16:27:59
🔅रोग 16:27:59 – 17:51:29
🔅काल 17:51:29 – 19:28:04
🔅लाभ 19:28:04 – 21:04:39
🔅उद्वेग 21:04:39 – 22:41:14
🔅शुभ 22:41:14 – 24:17:49
🔅अमृत 24:17:49 – 25:54:25
🔅चल 25:54:25 – 27:31:00
🔅रोग 27:31:00 – 29:07:35
🔅काल 29:07:35 – 30:44:10
❄️ लग्न तालिका ❄️
🔅 तुला चर
शुरू: 05:51 AM समाप्त: 08:10 AM
🔅 वृश्चिक स्थिर
शुरू: 08:10 AM समाप्त: 10:29 AM
🔅 धनु द्विस्वाभाव
शुरू: 10:29 AM समाप्त: 12:34 PM
🔅 मकर चर
शुरू: 12:34 PM समाप्त: 02:17 PM
🔅 कुम्भ स्थिर
शुरू: 02:17 PM समाप्त: 03:45 PM
🔅 मीन द्विस्वाभाव
शुरू: 03:45 PM समाप्त: 05:11 PM
🔅 मेष चर
शुरू: 05:11 PM समाप्त: 06:47 PM
🔅 वृषभ स्थिर
शुरू: 06:47 PM समाप्त: 08:43 PM
🔅 मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 08:43 PM समाप्त: 10:58 PM
🔅 कर्क चर
शुरू: 10:58 PM समाप्त: अगले दिन 01:18 AM
🔅 सिंह स्थिर
शुरू: अगले दिन 01:18 AM समाप्त: अगले दिन 03:35 AM
🔅 कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: अगले दिन 03:35 AM समाप्त: अगले दिन 05:51 Am
☘️धनतेरस☘️
धनतेरस हिन्दुओं का एक बहुत ही प्रमुख पर्व है जो दीपावली से दो दिन पूर्व आता है। धनतेरस पर खरीदारी का अत्यधिक महत्त्व है, मान्यता है कि इस दिन खरीदारी करने से पूरे वर्ष आर्थिक लाभ की प्राप्ति होती है ।
कहते है कि यदि इस दिन कुछ वस्तुओं को खरीदने से माँ लक्ष्मी प्रसन्न होती है, दिन दूनी रात चौगनी लाभ की प्राप्ति होती है इसलिए इस दिन प्रत्येक मनुष्य को शुभ मुहूर्त में कुछ ना कुछ खरीदारी अवश्य ही करनी चाहिए ।
मान्यता है कि भगवान धन्वंतरी अमृत कलश लेकर समुद्र मंथन से इसी दिन प्रकट हुए थे।
धनतेरस के दिन कौड़ियाँ लाकर उन्हें घर के मंदिर में रखे और सांयकाल माँ लक्ष्मी, कुबेर जी के साथ इनकी भी पूजा करे ।
झाडू को लक्ष्मी जी का प्रतीक है जो घर से दरिद्रता, अलक्ष्मी को दूर भगाता है। धनतेरस के दिन घर में नई झाडू लाने से घर से दरिद्रता, नकारात्मक उर्जा दूर चली जाती हैं, और स्वच्छ घर में माँ लक्ष्मी का वास होता हैं।
दीपावली के दिन लक्ष्मी पूजा के बाद इन कौड़ियों को लाल कपड़े में बांधकर अपने धन स्थान / तिजोरी में रख दें। इस उपाय को करने से घर में धन की कभी भी कमी नहीं रहती है।
धनतेरस के दिन से ही घर में दीपमाला से सजावट शुरू हो जाती है ।
इस दिन किसी की आलोचना, झगड़े व वाद – विवाद की बात बिलकुल भी न करें न करें। अगर संभव हो तो पुरानी रंजिश या मन मुटाव को भुलाकर शत्रु को भी मित्र बनाने कि पहल करें इससे देवता प्रसन्न होते है और घर परिवार में शुभता आती है।
धनतेरस के दिन अपने दायें हाथ के लिए एक चाँदी का कड़ा बनवाये , इस कड़े को दीवाली वाले दिन माँ लक्ष्मी का पूजन करते समय माँ के चरणों से लगा कर वहीँ पूजा में रख दें और उस पर भी तिलक लगा दें ।
अगले दिन सुबह स्नान करने के बाद माँ लक्ष्मी का ध्यान पूजा करने के बाद उसे दाहिने हाथ में धारण कर लें। आप अति शीघ्र अपने अन्दर ज्यादा आत्मविश्वास का अनुभव करेंगे , आपकी आर्थिक स्थिति भी और भी ज्यादा मजबूत होने लगेगी ।
यदि आपको आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है तो आप धनतेरस से दीपावली इन दिन संध्या में लगातार श्री गणेश स्त्रोत्र का पाठ करें , उसके उपरांत गाय को कोई भी हरी सब्जी या चारा डालें , जल्दी ही आपकी आर्थिक बाधाएं हल होने लगेंगी ।
पण्डित विष्णुदत्त शास्त्री
8290814026




