May 21, 2026
7-sep

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 7 सितबंर 2024। श्री गणेशाय नम:🚩
शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।

📜 आज का पंचांग 📜

☀ 07-Sep-2024
☀ Sri Dungargarh, India

☀ आज का पंचांग
🔅 तिथि चतुर्थी 05:39 PM
🔅 नक्षत्र चित्रा 12:34 PM
🔅 करण विष्टि 05:39 PM
🔅 पक्ष शुक्ल
🔅 योग ब्रह्म 11:15 PM
🔅 वार शनिवार
☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
🔅 सूर्योदय 06:15 AM
🔅 चन्द्रोदय 09:41 AM
🔅 चन्द्र राशि तुला
🔅 चन्द्र वास पश्चिम
🔅 सूर्यास्त 06:47 PM
🔅 चन्द्रास्त 08:57 PM
🔅 ऋतु शरद
☀ हिन्दू मास एवं वर्ष
🔅 शक सम्वत 1946 क्रोधी
🔅 काली सम्वत 5125
🔅 दिन काल 12:32:16
🔅 विक्रम सम्वत 2081
🔅 मास अमांत भाद्रपद
🔅 मास पूर्णिमांत भाद्रपद
☀ शुभ और अशुभ समय
☀ शुभ समय
🔅 अभिजीत 12:06 PM 12:56 PM
☀ अशुभ समय
🔅 दुष्टमुहूर्त 06:15 AM 07:05 AM
🔅 कंटक 12:06 PM 12:56 PM
🔅 यमघण्ट 03:27 PM 04:17 PM
🔅 राहु काल 09:23 AM 10:57 AM
🔅 कुलिक 07:05 AM 07:55 AM
🔅 कालवेला / अर्द्धयाम 01:46 PM 02:36 PM
🔅 यमगण्ड 02:05 PM 03:39 PM
🔅 गुलिक काल 06:15 AM 07:49 AM
☀ दिशा शूल
🔅 दिशा शूल पूर्व
☀ चन्द्रबल और ताराबल
☀ ताराबल
🔅 भरणी, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती
☀ चन्द्रबल
🔅 मेष, वृषभ, सिंह, तुला, धनु, मकर

📜 चोघडिया 📜

🔅 काल 06:15 AM – 07:49 AM
🔅 शुभ 07:49 AM – 09:23 AM
🔅 रोग 09:23 AM – 10:57 AM
🔅 उद्वेग 10:57 AM – 12:31 PM
🔅 चल 12:31 PM – 02:06 PM
🔅 लाभ 02:06 PM – 03:40 PM
🔅 अमृत 03:40 PM – 05:14 PM
🔅 काल 05:14 PM – 06:48 PM
🔅 लाभ 06:48 PM – 08:14 PM
🔅 उद्वेग 08:14 PM – 09:40 PM
🔅 शुभ 09:40 PM – 11:06 PM
🔅 अमृत 11:06 PM – 00:31 AM
🔅 चल 00:31 AM – 01:57 AM
🔅 रोग 01:57 AM – 03:23 AM
🔅 काल 03:23 AM – 04:49 AM
🔅 लाभ 04:49 AM – 06:15 AM

📜 लग्न तालिका 📜

🔅 सिंह स्थिर
शुरू: 04:43 AM समाप्त: 07:00 AM

🔅 कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: 07:00 AM समाप्त: 09:16 AM

🔅 तुला चर
शुरू: 09:16 AM समाप्त: 11:35 AM

🔅 वृश्चिक स्थिर
शुरू: 11:35 AM समाप्त: 01:54 PM

🔅 धनु द्विस्वाभाव
शुरू: 01:54 PM समाप्त: 03:59 PM

🔅 मकर चर
शुरू: 03:59 PM समाप्त: 05:42 PM

🔅 कुम्भ स्थिर
शुरू: 05:42 PM समाप्त: 07:10 PM

🔅 मीन द्विस्वाभाव
शुरू: 07:10 PM समाप्त: 08:36 PM

🔅 मेष चर
शुरू: 08:36 PM समाप्त: 10:12 PM

🔅 वृषभ स्थिर
शुरू: 10:12 PM समाप्त: 00:08 AM

🔅 मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 00:08 AM समाप्त: 02:23 AM

🔅 कर्क चर
शुरू: 02:23 AM समाप्त: 04:43 AM

।। आज का दिन मंगलमय हो ।।

शनिवार के दिन प्रात: पीपल के पेड़ में दूध मिश्रित मीठे जल का अर्ध्य देने और सांय पीपल के नीचे तेल का दीपक जलाने से कुंडली की समस्त ग्रह बाधाओं का निवारण होता है ।

शनिवार के दिन पीपल के नीचे हनुमान चालीसा पढने और गायत्री मन्त्र की एक माला का जाप करने से किसी भी तरह का भय नहीं रहता है, समस्त बिग़डे कार्य भी बनने लगते है ।
शिवपुराण के अनुसार शनि देव पिप्लाद ऋषि का स्मरण करने वाले, उनके भक्तो को कभी भी पीड़ा नहीं देते है इसलिए जिन के ऊपर शनि की दशा चल रही हो उन्हें अवश्य ही ना केवल शनिवार को वरन नित्य पिप्लाद ऋषि का स्मरण करना चाहिए।

शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि देव की कृपा मिलती है, शनि की पीड़ा निश्चय ही शान्त हो जाती है ।

💐गणेश चतुर्थी💐

आज शनिवार 7 सितंबर से गणेश उत्सव शुरू हो रहा है । 10 दिन तक चलने वाले गणेश महोत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी पर होता है ।

गणेश उत्सव के दिन घरो और सार्वजनिक स्थानों पर पंडाल लगाकर बड़ी संख्या में भक्त गण गणपति बाप्पा को स्थापित करके उनकी पूजा अर्चना करते है

हिंदू धर्म में गणेश चतुर्थी के पर्व का विशेष महत्व है, यह पर्व भगवान गणेश जी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है । वैसे तो अब गणपति जी की स्थापना पूरे देश में की जाती है लेकिन महाराष्ट्र विशेषकर मुंबई में इसका नज़ारा बिलकुल अलग ही रहता है । गणेश उत्सव का पर्व पूरे महाराष्ट्र में बहुत ही हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है ।

पंचांग के अनुसार, इस साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि का आरंभ शुक्रवार 6 सितंबर की दोपहर को 3 बजकर 3 मिनट पर होगा और इस तिथि का समापन अगले दिन शनिवार 7 सितंबर की शाम 5 बजकर 39 मिनट पर होगा ।

उदया तिथि के अनुसार, इस वर्ष गणेश चतुर्थी का शुभारंभ शनिवार 7 सितंबर से होगा । इसी दिन गणेश जी की प्रतिमा की स्थापना होगी और व्रत रखा जाएगा ।

गणेश जी को विघ्नहर्ता के रूप में पूजा जाता है गणपति जी की पूजा करने से समस्त दुख और कष्टों का नाश होता है ।

गणेश चतुर्थी के दिन गणेश जी की पूजा और मूर्ति स्थापना का शुभ मुहूर्त, शनिवार 7 सितम्बर को सुबह 11 बजकर 15 मिनट से दोपहर 1 बजकर 43 मिनट तक रहेगा । अर्थात गणेश चतुर्थी की पूजा और मूर्ति स्थापना का शुभ मुहूर्त 2 घंटे 31 मिनट तक रहेगा । गणेश जी का जन्म मध्याह्न काल में हुआ था ! अतः यही समय श्रेष्ठ रहेगा

गणपति जी को अपने घर के ईशान कोण अर्थात उत्तर-पूर्व दिशा में विधि-विधान से बिठाएं, इस दिशा में उनकी पूजा करना बहुत जी शुभ माना जाता है ।
गणेश भगवान जी को लाल रंग बहुत प्रिय है
गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर दूर्वा घास अर्पित करके उन्हें मोदक का भोग लगाएं और आरती करें तथा ॐ गं गणपतये नम: मन्त्र का अधिक से अधिक जाप करें ।

पण्डित विष्णुदत्त शास्त्री
8290814026