






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 9 जुलाई 2025। एडीजे कोर्ट श्रीडूंगरगढ़ में न्यायाधीश सरिता नौशाद ने बुधवार को मोर शिकारी की जमानत याचिका खारिज करने का फैसला सुनाया है। 6 जुलाई 2025 को सुरजनसर उदरासर की रोही में हुई घटना में क्षेत्रीय वन अधिकारी ने एफआईआर दर्ज की व अनुसंधान शुरू किया। अपर लोक अभियोजक सोहननाथ सिद्ध ने राष्ट्रीय पक्षी मोर का शिकार गंभीर प्रकृति का अपराध बताते हुए आरोपी पक्ष के वकील की दलीलों पर काट्य दलील पेश की। सिद्ध ने कोर्ट को बताया कि आरोपी 23 वर्षीय भगवानाराम पुत्र रामकिशन निवासी सत्तासर व एक नाबालिग युवक को शिकार करते देखना व गुलेल से मोर का शिकार करने संबंधी साक्ष्य मौके पर ही मिल गए है। आरोपी का वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में दोष प्रमाणित पाया गया है। अभियुक्त का आपराधिक रिकॉर्ड शून्य है परंतु वह न्यायिक अभिरक्षा में है।



