May 21, 2026
पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दाम घटे, कुछ राहत, खुदरा दाम घटने जरूरी

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 22 मई 2022। केंद्र सरकार ने आख़िरकार पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दाम कल घटाए हैं। इससे ये सस्ते होंगे, जो आम आदमी के लिए राहत है। हालांकि इस निर्णय से थोक में मिलने वाले सामान के दाम घटेंगे, मगर जरूरत है खुदरा दाम घटने की। तभी मध्यम और निम्न वर्ग के घरों को राहत मिलेगी।
केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर 9.5 रुपये प्रति लीटर और डीजल 7 रुपये प्रति लीटर दाम कम किये हैं। इसका अच्छा असर होगा। उज्ज्वला योजना में रसोई गैस के दामों में भी सब्सिडी 200 रुपये बढ़ाई गई है, ये भी एक अच्छी राहत है। क्योंकि इसका असर तो बहुत घरों पर पड़ेगा।
एक्साइज ड्यूटी केंद्र ने घटाई है तो उससे राज्यों का टैक्स भी घटेगा। आम आदमी को उससे ज्यादा राहत मिलेगी। परिवहन में पेट्रोलियम पदार्थ ही काम आते हैं इसलिए इस कमी का व्यापक असर होगा। खाद्य पदार्थों के थोक दामों में इससे कमी की संभावना है। उसका असर आम आदमी की खरीददारी पर भी हो, ये जरूरी है। नियमों के अनुसार खुदरा दामों में भी कमी होनी चाहिए, तभी आम घर को फायदा पहुंचेगा। उसके लिए जरुरी है कि केंद्र और राज्य सरकारें पूरी मोनिटरिंग करे।
पेट्रोल, डीजल के दाम बढ़ने से खुदरा महंगाई ने आठ साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया था। वो बढ़कर 7.79 फीसदी बढ़ गयी थी अप्रैल में। थोक महंगाई तो 27 साल में सबसे ऊंचाई पर थी। थोक महंगाई 15.08 फीसदी बढ़ गई थी। तभी तो महंगाई की जद में आ गया था आम आदमी। आरबीआई ने इसी पर चिंता जताई थी तभी केंद्र सरकार ने दाम घटाए हैं।
इन दामों के घटने से खाद्य पदार्थो का अलावा भी अनेक सामान के दाम कम होंगे। सीमेंट, प्लास्टिक, स्टील आदि के दाम स्वाभाविक रूप से कम होंगे और आम आदमी को लाभ मिलेगा। इन चीजों पर भी अनेक काम टिके हुए हैं।
आर्थिक जानकारों का मानना है कि केंद्र ने एक्साइज ड्यूटी घटाकर दाम कम किये हैं। राज्य सरकार यदि वेट कम करे तो आम आदमी को और राहत मिल सकती है। वेट का निर्धारण राज्य सरकारें करती है। ये राज्यों की आय का बड़ा साधन है। कोरोना काल में राज्यों को इन्हीं पेट्रोलियम पदार्थों से सर्वाधिक आय हुई थी। मगर आम जनता की प्राथमिकताएं ही लोक कल्याणकारी गणराज्य के लिए बड़ी होनी चाहिए। राज्यों को आम आदमी की परेशानी दूर करते हुए वेट में वाजिब कटौती करनी चाहिए ताकि लाभ ज्यादा हो। केरल सरकार ने इसमें पहल की है। उसने केंद्र के एक्साइज ड्यूटी कम करते ही अपने यहां वेट घटाकर 12 रुपये कम कर दिए। इस तरफ अन्य राज्य सरकारें भी कदम बढ़ा सकती है। जो करना चाहिए सरकारों को।
महंगाई को थामना जरुरी है, आय जरूरी तो है मगर आम आदमी की तकलीफ पर नहीं। केंद्रीय वित्त मंत्री ने भी राज्यों से वेट कम करने की अपील की है, अब देखना ये है कि उसका असर कितना होता है।
महंगाई ने आम आदमी का जीना बेहाल कर दिया है, एक अवसर मिला है उसकी मदद का। इस अवसर का लाभ जनता को मिलना चाहिए।
– मधु आचार्य ‘ आशावादी ‘
वरिष्ठ पत्रकार