






मृतक के आश्रित को मिली 2 लाख की सहायता, जताया आभार।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना के तहत कृषि उपज मंडी बीकानेर द्वारा बुधवार को मृतक के आश्रितों को चेक वितरण किए गए। क्षेत्र के गांव ऊपनी निवासी जाना देवी को 2 लाख का चैक सौंपा गया। जाना देवी के पति 31 जनवरी 2025 को दानाराम लूहार खेत में बिजाई कार्य करते हुए ट्रेक्टर पलटने से अकाल मौत का शिकार हो गए थे। जाना देवी ने जरूरत की इस घड़ी में सहायता देने के लिए राज्य सरकार का आभार जताया। इस दौरान मंडी के अधिकारी, व्यापारी मौजूद रहें।

सवा पांच घंटे में 91 किमी की यात्रा पूरी की, लगाई धोक।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गांव रिड़ी से रवाना हुई डाक ध्वजा यात्रा सवा पांच घंटे में 91 किलोमीटर की यात्रा पूर्ण कर कतरियासर धाम पहुंच गई है। श्रीसालानाथ जी महाराज सुपर फास्ट डाक ध्वजा के युवा उत्साह के साथ दौड़ते हुए जसनाथजी महाराज के दरबार पहुंचे। यहां जसनाथजी व माँ कल्लादे के दर्शन किए। युवाओं ने जयकारे लगाते हुए धोक लगाई व अपनी मन्नतें मांगी।

तकनीकी कर्मचारियों ने अधिकारियों को नौ सूत्रीय मांगपत्र सौंपा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। राजस्थान विद्युत तकनीकी कर्मचारी एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कार्मिकों की नौ सूत्रीय मांगो का ज्ञापन विभागीय अधिकारियों को सौंपा। कार्मिकों ने बताया कि लंबे समय से कार्मिक इंटर डिसकॉल तबादला नीति लागू करने, 2400 ग्रेड पे सभी विद्युत निगमों में लागू करने, हार्ड ड्यूटी भत्ता दिए जाने, कार्मिकों को फ्री बिजली दिए जाने, मोटरसाइकिल भत्ता दिए जाने, राज्य कार्मिकों की भांति लाभ दिए जाने, वर्दी धुलाई भत्ता बिना भेदभाव लागू करने, सीनियर इंजिनियरिंग सुपरवाईजर पद सृजित करने, दुर्घटनाओं में अंगहीन होने पर गृह नगर के निकट नियुक्ति दिए जाने की मांगे रखी है। संगठन के जिला सचिव रामकिशन यादव ने बताया कि कार्मिकों ने बताया कि बुधवार को उपखंड स्तर पर ज्ञापन दिए गए है। आगामी 6 अक्टूबर को जिला स्तर पर व 15 अक्टूबर को जोधपुर डिस्कॉम स्तर पर धरना दिया जाएगा। इस दौरान सुरेंद्र सिंह, भूराराम मीणा, दीनदयाल माली, हरपाल सिंह, मदन नायक, सूर्यप्रकाश सहित अनेक कार्मिक उपस्थित रहें।

गुरुवार को इन ग्राम पंचायतों में होंगे ग्रामीण सेवा शिविर।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। ग्रामीण सेवा शिविर के तहत गुरुवार को श्रीडूंगरगढ़ के धीरदेसर चोटियां व लिखमादेसर में में शिविरों का आयोजन होगा। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी शिविर में मौजूद रहेंगे व ग्रामीणों के प्रशासनिक कार्यों सहित समस्याओं के समाधान मौके पर ही किए जाएंगे।




