






ईष्टदेव को मनाने में जुटा सिंधी समाज, उत्सव में खूब खनकाए डांडिया।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सिंधी समाज के ईष्टदेव झूलेलालजी का चालिहा उत्सव झूलेलाल मंदिर में 16 जुलाई से मनाया जा रहा है। 40 दिन तक सुबह शाम समाज के परिवार सक्रियता से आयोजन में शामिल होकर सामूहिक उत्सव मनाएंगे। मंदिर में भजन कीर्तन, माला, चालिसा, आरती और प्रसाद के आयोजन संपन्न हो रहें है। शनिवार रात विशेष उत्सव में मंदिर जयकारो से गूंज उठा। रवि रिझवानी ने बताया कि नन्हें मुन्नों के लिए पिंकी थावानी ने प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया व विजेताओं को पुरस्कृत किया। बच्चों ने मनभावन नृत्य प्रस्तुतियां दी। चंचल कंवर ने भी राजस्थानी गीत नृत्य की प्रस्तुति दी। समारोह में 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए डांडिया कार्यक्रम रखा गया जिसमें समाज की बुजुर्ग महिलाएं भी उत्साह के साथ शामिल हुई। सभी का वरिष्ठ जनों के प्रति सम्मान दर्शाया गया। रविवार सुबह भजन के बाद भंडारे का आयोजन संपन्न किया गया। सिंधी पंचायत अध्यक्ष श्रवणकुमार गुरनाणी, मंत्री अशोक वासवानी ने सभी का आभार जताया। समाज के दुर्गाप्रसाद खट्टनानी, अशोक गुरनाणी सहित अनेक युवाओं की टीम चालिहा महोत्सव की विभिन्न व्यवस्थाएं संभाल रहें है।

पुदंलसर में शिव महापुराणकथा में सुनाया शिव विवाह प्रसंग, शामिल हो रहें श्रद्धालु।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सावन महीने में शिव भक्तों में उत्साह व श्रद्धा का संचार हो रहा है। क्षेत्र के गांव पुदंलसर में शिव महापुराणकथा का भक्तिमय आयोजन 25 जुलाई से जारी है। हनुमान वाटिका शिवमंदिर में प्रांगण में आयोजित कथा में तीसरे दिन रविवार को कथा वाचक पंडित श्रवण पुरोहित ने शिव विवाह प्रसंग के बारे में विस्तार से बताया। पुरोहित ने शिव की महिमा का गुणगान करते हुए तारकासुर के संहार, समाधि भंग के बारे में बताते हुए पार्वती जन्म से शिव से विवाह तक की कथा का वर्णन किया। उन्होंने शिव पुराण के सिद्धांतो के बारे में बताया व शिव भक्ति से जीवन को सार्थक बनाने की प्रेरणा शिव भक्तों को दी। ग्रामीणों ने बताया कि पुदंलसर व आस पास के श्रद्धालु कथा में शामिल हो रहें है। कथा 4 अगस्त तक जारी रहेगी।
कल शुरू होगा नौ दिवसीय अखंड कीर्तन, सज रहें है भव्य शिव दरबार।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सावन के तीसरे सोमवार से बिग्गा बास में स्थित चिड़पड़नाथजी की बगीची प्रांगण में नौ दिवसीय अखंड कीर्तन प्रारंभ किए जाएंगे। आयोजक भोले की फौज करेगी मौज के सदस्यों ने बताया कि आयोजन की भव्य तैयारियां हो रही है। नौ दिन प्रतिदिन शिव का विभिन्न स्वरूपों में दिव्य श्रृंगार किया जाएगा। रात 8.15 बजे महाआरती होगी व लगातार कीर्तन होगा। बता देवें गणेश मंदिर में स्थित प्राचीन शिवालय में भी प्रतिदिन भव्य शिव श्रृंगार का आयोजन किया जा रहा है। यहां भी सत्संग व भजन कीर्तन के आयोजन संपन्न हो रहें है। आड़सर बास के श्रीराम मंदिर में भी प्रतिदिनि शिव श्रृंगारक के आयोजन के साथ भजन कीर्तन के भक्तिमय आयोजन संपन्न हो रहें है।






