May 20, 2026
4-aug

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 4 अगस्त 2023। श्री गणेशाय नम:🚩 शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।

📜 आज का पंचांग 📜

☀ 04 – Aug – 2023
☀ Sri Dungargarh, India

☀ पंचांग
🔅 तिथि तृतीया 12:47 PM
🔅 नक्षत्र :
शतभिषा 07:08 AM
पूर्वाभाद्रपद 07:08 AM
🔅 करण :
विष्टि 12:47 PM
बव 12:47 PM
🔅 पक्ष कृष्ण
🔅 योग :
शोभन 06:13 AM
अतिगंड 06:13 AM
🔅 वार शुक्रवार

☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
🔅 सूर्योदय 05:57 AM
🔅 चन्द्रोदय 09:33 PM
🔅 चन्द्र राशि कुम्भ
🔅 सूर्यास्त 07:22 PM
🔅 चन्द्रास्त 08:33 AM
🔅 ऋतु वर्षा

☀ हिन्दू मास एवं वर्ष
🔅 शक सम्वत 1945 शोभकृत
🔅 कलि सम्वत 5125
🔅 दिन काल 01:24 PM
🔅 विक्रम सम्वत 2080
🔅 मास अमांत श्रावण (अधिक)
🔅 मास पूर्णिमांत श्रावण (अधिक)

☀ शुभ और अशुभ समय
☀ शुभ समय
🔅 अभिजित 12:13:03 – 13:06:41
☀ अशुभ समय
🔅 दुष्टमुहूर्त 08:38 AM – 09:32 AM
🔅 कंटक 02:00 PM – 02:53 PM
🔅 यमघण्ट 05:34 PM – 06:28 PM
🔅 राहु काल 10:59 AM – 12:39 PM
🔅 कुलिक 08:38 AM – 09:32 AM
🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 03:47 PM – 04:41 PM
🔅 यमगण्ड 04:01 PM – 05:41 PM
🔅 गुलिक काल 07:38 AM – 09:18 AM
☀ दिशा शूल
🔅 दिशा शूल पश्चिम

☀ चन्द्रबल और ताराबल
☀ ताराबल
🔅 अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद
☀ चन्द्रबल
🔅 मेष, वृषभ, सिंह, कन्या, धनु, कुम्भ

📜 चोघडिया 📜

🔅चल 05:57:33 – 07:38:08
🔅लाभ 07:38:08 – 09:18:43
🔅अमृत 09:18:43 – 10:59:17
🔅काल 10:59:17 – 12:39:52
🔅शुभ 12:39:52 – 14:20:27
🔅रोग 14:20:27 – 16:01:01
🔅उद्वेग 16:01:01 – 17:41:36
🔅चल 17:41:36 – 19:22:11
🔅रोग 19:22:11 – 20:41:40
🔅काल 20:41:40 – 22:01:10
🔅लाभ 22:01:10 – 23:20:39
🔅उद्वेग 23:20:39 – 24:40:09
🔅शुभ 24:40:09 – 25:59:38
🔅अमृत 25:59:38 – 27:19:08
🔅चल 27:19:08 – 28:38:37
🔅रोग 28:38:37 – 29:58:07

❄️ लग्न तालिका ❄️

🔅 कर्क चर
शुरू: 04:40 AM समाप्त: 07:00 AM

🔅 सिंह स्थिर
शुरू: 07:00 AM समाप्त: 09:17 AM

🔅 कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: 09:17 AM समाप्त: 11:33 AM

🔅 तुला चर
शुरू: 11:33 AM समाप्त: 01:52 PM

🔅 वृश्चिक स्थिर
शुरू: 01:52 PM समाप्त: 04:11 PM

🔅 धनु द्विस्वाभाव
शुरू: 04:11 PM समाप्त: 06:16 PM

🔅 मकर चर
शुरू: 06:16 PM समाप्त: 07:59 PM

🔅 कुम्भ स्थिर
शुरू: 07:59 PM समाप्त: 09:27 PM

🔅 मीन द्विस्वाभाव
शुरू: 09:27 PM समाप्त: 10:53 PM

🔅 मेष चर
शुरू: 10:53 PM समाप्त: अगले दिन 00:29 AM

🔅 वृषभ स्थिर
शुरू: अगले दिन 00:29 AM समाप्त: अगले दिन 02:25 AM

🔅 मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: अगले दिन 02:25 AM समाप्त: अगले दिन 04:40 AM

🌺।। आज का दिन मंगलमय हो।।🌺

दिन (वार) – शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं।

शुक्रवार के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें ।
शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए ।

शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में समस्त सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है बड़ा भवन, विदेश यात्रा के योग बनते है।

⭐ चतुर्थी व्रत

पण्डित विष्णुदत्त शास्त्री
8290814026