






बीकानेर जिले की धरती भावों से भरी है- प्रकाश तिवाड़ी, पहले दिन बताया भागवत का माहात्म्य।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 15 मई 2025। श्रीकृष्ण गौसेवा समिति दुसारणा पण्डरिकजी, दुसारणा बड़ा व दुसारणा पीपासरिया द्वारा आयोजित गौसेवार्थ भव्य संगीतमय भागवत कथा का आयोजन गुरूवार सुबह कलश यात्रा के साथ प्रारंभ हुआ। कथा के पहले दिन कथा वाचक नापासर वाले प्रकाश तिवाड़ी ने कथा का माहात्म्य सुनाया। तिवाड़ी ने भगवान को करूणामयी बताते हुए मानव तन और सत्संग मिलने को उनकी कृपा बताया। उन्होंने कहा कि बीकानेर की धरा सदा से ही भावों से भरी है और हरिप्रेमी व सेवा भावी लोगों की जननी है। यहां जन्म लेना भी अपने आप में सौभाग्य की बात है। कथा वाचक ने गौसेवा का महत्व बताते हुए कहा कि गौसेवा से जीवन के सभी दुख दूर होता है। कथा के दौरान उन्होंने सत्य की शरण लेने, झूठ नहीं बोलने, मशीनी युग में प्रेम सेवा तयाग दया स्नेह के भावों को जागृत रखने, छोटी छोटी बातों में विवाद नहीं करने, एक दूसरे की टांग नहीं खिंचने की प्रेरणा दी। उन्होंने जलना व जलाना कलयुग का प्रभाव बताते हुए सत्संग में शामिल होने की बात कही। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण करने पहुंचे। विदित रहें कथा में आने-जाने के लिए आसपास के गांवों से बसें लगाई गई है। कथा में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं के लिए बसों का प्रबंध भी किया गया है। बसों का रूट इस प्रकार होगा:- जिसे आप सभी श्रद्धालुओं तक जरूर पहुंचाए जिससे वे कथा श्रवण का लाभ उठा सकें:- 1बस एनएच 11बेनीसर फांटा से बेनीसर, भोजास, 1बस सेरूणा से देराजसर, गोपालसर, टेऊ, सूडसर दुलचासर, कोटासर, 1बस रीड़ी से बाना, उपनी, कल्याणसार, 1बस सादासर से मसूरी, बिदासरिया, लिखमीसर दिखनादा, लिखमीसर उतराधा, कल्याणसर पुराना होकर कथा स्थल पहुंचेगी। आज पहले दिन की कथा में आए हुए अतिथियों का दुपट्टा पहनाकर गौशाला स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया।

चौरड़िया की प्रेरणा से दानदाताओं ने गौशाला में दिया सहयोग।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। कालू रोड पर स्थित गौमाता भंडारा गौशाला समिति में सामाजिक कार्यकर्ता तुलसीराम चौरड़िया की प्रेरणा से दानदाताओं ने गौशाला में सहयोग दिया। समिति के बाबूलाल सहदेवड़ा ने चौरड़िया का आभार जताते हुए बताया कि पुरखचंद मांगीलाल डागा, प्रकाशचंद गौरव श्यामसुखा, शुभकरण राजेश कुमार डाकलिया, उदेचंद महेंद्र कुमार पुगलिया, रतनचंद सुरेश कुमार जैन, मांगीलाल सुभाष सिंघी, भीखमचंद विकास नवलखा, मेघराज हनुमानमल सिंघी, माणकचंद पंकज डागा, धनराज विक्रम मालू के आपसी सहयोग से 40 बैग खल व 40 बैग मोठ चुरी का सहयोग सौंपा है। समिति सदस्यों ने सभी दानदाताओं का आभार जताया।



