






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 30 जून 2025। श्रीडूंगरगढ़ अणुव्रत समिति के कार्यकाल 2023 – 2025 पूर्ण होने के बाद आम सभा रविवार रात्रि अणुव्रत समिति के सिद्धार्थ प्लाजा स्थित कार्यालय में आयोजित की गई। समिति अध्यक्ष सुमति पारख की अध्यक्षता में आयोजित इस आम सभा में मंत्री एडवोकेट रणवीरसिंह खीची ने द्विवार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया एवं दो वर्षों में समिति द्वारा किए गए कार्यों का लेखा-जोखा सदन के सामने रखा। प्रतिवेदन पर विस्तृत चर्चा के माध्यम से दो वर्षों के कार्यों की समीक्षा की गई। कार्यकाल को श्रेष्ठ बताते हुए आगामी कार्यकाल के लिए चुनाव के बजाए सदन ने सर्वसम्मति से मनाव का रास्ता अपनाया। सदन के आग्रह पर चुनाव अधिकारी जगदीश स्वामी एवं अतिरिक्त चुनाव अधिकारी करणीसिंह बाना ने वर्तमान अध्यक्ष सुमति पारख को ही आगामी कार्यकाल 2025 – 2027 के लिए पुन: अध्यक्ष सर्वसम्मति से निर्वाचित किया गया। इस मौके पर आगामी कार्यकाल के दौरान संस्था की सदस्यता बढ़ाने, अणुव्रत सर्किल का निर्माण करवाने, संस्था को मिलने वाला सहयोग बढ़ाने एवं संस्था द्वारा नशामुक्ति व अणुव्रत संदेशों के स्थाई रूप से व्यापक प्रचार प्रसार करवाने के संकल्प लिए गए। इस मौके पर चुनाव अधिकारी विहिप जिलाध्यक्ष जगदीश स्वामी ने सामाजिक संस्थाओं में चुनाव प्रणाली लोकतांत्रिक तो बताया लेकिन ऐसा होने वाली संस्थाओं में गुटबाजियां भी हावी होने की स्थिति को सेवा संबधी संस्थाओं के लिए नुकसानदेय बताया। स्वामी ने अणुव्रत समिति द्वारा सर्वसम्मति की परंपरा को चुनावी गुटबाजियों में उलझी अन्य संस्थाओं के लिए भी प्रेरणीय बताया। इस दौरान वरिष्ठ सदस्य विजयराज सेठिया, लीलाधर सारस्वत, तुलसीराम चौरडिया, सत्यनारायण स्वामी, मनीष नौलखा, विमल भाटी, एडवोकेट राधेश्याम दर्जी, केएल जैन, मनोज गुंसाई, पवन सेठिया, कुंभाराम घिंटाला, संजय पारीक, सुदीप राठी, शुभकरण पारीक, अशोक झाबक, चमन श्रीमाल, पवन बरडिया, पीयूष बोथरा आदि समिति सदस्य मौजूद रहे। सभी ने आगामी कार्यकाल के लिए पारख को शुभकामनाएं दी।
साध्वीश्री के किए दर्शन, दिवंगत पारख को किया याद।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। अणुव्रत समिति के सर्वसम्मति से हुए चुनावों के बाद नवनिर्वाचित अध्यक्ष सुमति कुमार पारख ने तेरापंथ सेवा केन्द्र पहुंच कर वहां विराजित साध्वीवृंद के दर्शन किए एवं मंगलपाठ सुना। इस दौरान विजयराज सेठिया ने गत वर्षों में अणुव्रत द्वारा किए गए कार्यों को उल्लेखित किया एवं साध्वीश्री आगामी कार्यकाल के दौरान अणुव्रत के सिद्धांतों का अधिकाधिक प्रचार प्रसार कर नशामुक्त आदर्श समाज की स्थापना के प्रयासरत रहने की प्रेरणा दी। इस दौरान रनवीरसिंह खीची, अशोक झाबक, कुंभाराम घिंटाला, विशाल स्वामी आदि साथ रहे। रविवार को हुए निर्वाचन के दौरान एवं साध्वीवृंद के दर्शन के दौरान श्रीडूंगरगढ़ में अणुव्रत समिति का नए सिरे से गठन कर उसे संस्थात्मक रूप देने वाले दिवंगत विजयसिंह पारख को याद किया गया एवं उन्हें श्रृद्धांजलि देते हुए उनके पुत्र सुमति पारख द्वारा भी उन्हीं की बताई राह पर चलते हुए सेवा कार्यों में संलग्न रहना प्रेरणीय बताया गया।




