






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 26 जून 2022। तेरापंथ धर्मसंघ के आचार्यश्री महाश्रमण जी के श्रीडूंगरगढ़ प्रवास के दौरान संत के स्नेहसिक्त सद्भाव को क्षेत्र के जन समूह ने पल पल महसूस किया। आचार्यश्री ने नागरिकों को अहिंसा व सद्भाव अपनाने की प्रेरणा देते हुए पाप व दुर्व्यवहार से बचने का आह्वान किया। आचार्यश्री की उपस्थिति में सैंकड़ो श्रावकों ने तप व साधना के संकल्प लिए। यात्रा के दौरान आचार्यश्री का संतत्व देखने को मिला और बड़े बड़े सेठों के अनेकों आग्रह पर भी महाराज नहीं पधारे और जरूरतमंद के लिए सूचना मात्र पर उनके द्वार तक पहुंचे। आचार्यश्री ने श्रद्धालुओं के द्वार पगल्या कर उन्हें अनुगृहीत किया वहीं चारों ओर उनकी सुकीर्ति का परचम लहराया। कस्बे के हर नागरिक आचार्यश्री की दयालुता व स्नेह के सामने गद्गद हो गया और नतमस्तक होकर उन्हें प्रणाम करते नजर आया।
बदला मार्ग पार्श्वनाथ के किए दर्शन, संस्था भवन में पगल्या से गद्गद हुए श्रद्धालु।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। आचार्यश्री ने तेरापंथ भवन धोलिया नोहरे से तेरापंथ भवन उपरलो तक जाने के दौरान रास्ता बदल कर ओसवाल पंचायत जैन मंदिर पहुंचें। उनके तय मार्ग में गाजे बाजे सजे थे पर वे धरे रह गए और जब उन्हें इशारा मिला कि जैन मंदिर इस मार्ग पर है तो महाराज ने कदम स्वतः उस ओर बढ़ दिए। मंदिर में तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ के दर्शन किए और समाज की संस्था में पगलिया करने पर श्रद्धालु गद्गद हुए।
कैंसर पीड़ित व वयोवृद्धों को दिए दर्शन।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। 26 जून 2022। आचार्यश्री ने शनिवार सुबह प्रवचन से पूर्व कैंसर की लास्ट स्टेज से जूझ रहें 45 वर्षीय नोरत गंग निवासी आडसर बास को दर्शन देने पहुंचे तो सभी सुखद आश्चर्य से भर गए। गंग परिवार सहित आस पास के जैन परिवारों ने सजल नेत्रों से गुरूवर के दर्शन कर कृपा के लिए आभार प्रकट किया। बता देवें नोरत गंग स्वयं जाकर दर्शन करने में असमर्थ थे तो गुरू ने द्वार पर आकर दर्शन दिए। इसी प्रकार समाज के वयोवृद्ध श्रावकों को साधना व तप का संदेश देते हुए मंगली सुनाई। आचार्यश्री ने कई वृद्ध श्रावकों को दर्शन दिए तो श्रावक निहाल से हो उठे।
प्रियजनों को खोने वालों को गुरू महाराज ने दिया संबल।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। कस्बे के अनेक जैन परिवारों में गत दिनों जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है उन्हें गुरुवर ने संभाला। आचार्यश्री ने दिवंगत आत्माओं के परिवारों को सांत्वना देते हुए संबल दिया व मंगली भी सुनाई। इन परिवारों ने गरुवर की कृपा के लिए भाव विभोर होकर आभार जताया।
मुख्य मुनि ने जोड़ा हर घर को, पसार कर किए पगलिया।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ में जैन समाज के करीब 1000 घर खुले है और इनमें से प्रायः घरों में मुख्य मुनि महावीर ने पहुंच कर पगलिया किए। हर घर में श्रृद्धा व भक्ति की बयार बहने लगी। हर गली में मुख्य मुनि के पहुंचने से माहौल धर्ममय हो गया। मुख्य मुनि ने सभी को धर्म के प्रति निष्ठा रखने एवं सदभावपूर्ण जीवन जीने का संदेश दिया। शुक्रवार व शनिवार को अनेक घरों में मुनिश्री पहुंचे। आचार्यश्री की प्रेरणा व पावन सान्निध्य में महावीर मुनि ने सूरज की पहली किरण से सूरज की अंतिम किरण तक कठिन परिश्रम किया व तेरापंथ धर्मसंघ को एक डोर में पिरोने का प्रयास करते हुए हर घर को निष्ठा से जोड़ा।










