May 21, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 30 अक्टूबर 2024। दीप पर्व पर बुधवार को बाजार में ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही है। दोपहर होते होते बाजार खरीददारों से गुलजार हो गया। मुख्य बाजार की सभी गलियों सहित रानी बाजार में भी खरीद के लिए अनेक अस्थाई दुकानें लगी है। हर घर से लोग सामानों की खरीद करने घरों से निकल रहें है। दीपक, पटाखे व प्रसाद की अनेक अस्थाई दुकानें सजी है। पटाखों की दुकानों पर बच्चे लिस्ट लेकर पहुंच रहें है। वहीं लक्ष्मी पन्ना व प्रसाद, दीपक, मिठाई लेने भी लोग उमड़ रहें है। मंगलवार को धनतेरस पर बाजार में जबरदस्त रौनक रही। पूरे बाजार में सबसे अधिक बिक्री झाडू व चांदी की हुई। सोने चांदी की प्राय हर दुकान पर ग्राहक देर रात तक नजर आए वहीं राशन की सभी दुकानों पर झाडू लेने हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। प्रति सामान्य दुकानदार ने भी 150 से 200 झाडू बेचे। वहीं मिठाई की दुकानों पर भारी भीड़ उमड़ी। बुधवार को भी लोग बड़ी संख्या में लोग कपड़ों व उपहारों की खरीद में व्यस्त है। महिलाओं ने जमकर नई चूड़ियां खरीदी व अन्य सौन्दर्य सामान भी लिए। बर्तनों की दुकानों पर ग्राहक दिनभर रहें। बुधवार को भी बर्तन, रेडिमेड, मिट्टी के दीपक, सजावटी सामानों की खरीद करने भीड़ उमड़ रही है। पुलिस ने भी बाजार में विभिन्न स्थानों पर भीड़ को कंट्रोल करने व वाहनों से जाम की स्थिति नहीं आने के लिए प्रबंध किए है। शाम को सीआई इंद्रकुमार की अगुवाई में पुलिस दल ने गश्त भी निकाला। दिनभर भारी भीड़ रही व शाम तक बाजार भरा हुआ नजर आ रहा है। आप भी नीचे दी गई बाजार रौनक की दिनभर की सभी फोटो जरूर देखें:- 
कल है रूप चौदस, 1 नवबंर को होगा महालक्ष्मी पूजन।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 30 अक्टूबर 2024। गुरूवार को रूप चौदस का पूजन किया जाएगा तथा शुक्रवार को महालक्ष्मी पूजन होगा, संस्कृत विद्यालय के प्रधानाचार्य गोविंद गुरू सहित अनेक विद्वानों इस पक्ष में अनेक तर्क देते हुए दीप पर्व 1 नवंबर को ही मनाना श्रेयस्कर बताया है। पंडित विष्णुदत्त शास्त्री ने बताया कि श्रीराम मंदिर और काशी विश्वनाथ मंदिर का मुहूर्त देने वाले पंडित गणेश्वर शास्त्री द्राविड़ ने दीपावली मनाने का सर्वोततम मुहूर्त एक नवबंर को दिया है। उन्होंने बताया कि देशभर से 250 से अधिक सवाल आने पर शास्त्री जी ने दो दिन शास्त्र व पंचांगों का अध्ययन किया, उसके बाद निष्कर्ष निकाला है। वे बताते है कि कृत्यसाररसमुच्चय, जयसिंहकल्पद्रुम, शब्दकल्पद्रुम, प्रातिवार्षिक पूजा कथा संग्रह, पर्वनिर्णय, वर्षकृत्यदीपक, एवं वर्षकृत्य ग्रंथों और देश के सबसे प्राचीन पांच पंचांगो का अध्ययन कर ये निष्कर्ष निकाला है कि दीपावली का लक्ष्मीपूजन 1 नवंबर को ही करना सही होगा। वहीं जयपुर स्थित जगद्गुरू रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय के प्रवक्ता शास्त्री कोसलेन्द्रदास ने भी महालक्ष्मी पूजन 1 नवबंर को करना ही श्रेयस्कर बताया है। उन्होंने कहा कि 1 नवबंर, शुक्रवार को सूर्यास्त सायं 5.40 पर है और अमावस्या 6.17 तक है, जो शुद्ध प्रदोशकाल है। एक घटी से अधिक समय तक होने से साथ ही स्वामी नक्षत्र के संयोग से दीपावली और लक्ष्मी पूजन 1 नवंबर को मनाना पूर्णत धर्मशास्त्रसम्मत है। भगवती भद्रकाली शक्तिपीठ के स्वामी शिवेन्द्र भी 1 नवबंर को दीप पूजन करना श्रेयस्कर बता रहे है। गौसेवा संघ के जिला उपाध्यक्ष सत्यनारायण स्वामी ने सभी गौशालाओं में 1 नवबंर को दीपोस्तव मनाने का निर्णय लिया है। स्वामी ने बताया पहली बार सभी गौशालाओं में दीप जलाए जाएंगे व क्षेत्र के कल्याण की प्रार्थना की जाएगी।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। पुलिस ने शाम को लगाई मुख्य बाजार में गश्त।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। मुख्य बाजार में दिनभर रही रौनक।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। उमड़ी बाजार में भीड़, खूब हो रही खरीददारी।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। खूब सजी अस्थाई दुकानें।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। पटाखे व विभिन्न सजावटी सामग्री से सजी दुकानें।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। दीपक लेने उमड़ रहें ग्राहक।