






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 21 मई 2024। 12वीं बोर्ड के परिणामों में बेटियों ने पूरे प्रदेश में परचम फहरा दिया है। श्रीडूंगरगढ़ को भी विज्ञान वर्ग में गौरवान्वित किया है भारती निकेतन शिक्षण संस्थान की छात्रा श्रीजंल ने, श्रीजंल ने विज्ञान वर्ग में 98.40 प्रतिशत अंक हासिल किए है। स्कूल का दावा है कि श्रीजंल राजस्थान में 8वें और जिले में प्रथम स्थान पर रही है। उनकी सफलता के बाद से ही घर व स्कूल में जश्न का माहौल रहा। श्रीजंल ने टाइम्स को बताया कि वे प्रतिदिन स्कूल के अतिरिक्त 6 से 7 घंटे अध्ययन करती थी। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता गौरीशंकर, माता अनिता और स्कूल व शिक्षकों को दिया है। श्रीजंल ने बताया कि बच्चों को रोजाना मोटिवेट करने की स्कूल की रणनीति ने बहुत संबल दिया है। आज हर कोई श्रीजंल की सफलता पर उसे बधाईयां दे रहा है। स्कूल के संचालक ओमप्रकाश स्वामी ने श्रीजंल को शुभकामनाएं देते हुए बताया कि स्कूल प्रबंधन का प्रयास है कि हर बच्चा खास बने और हम श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र को शिक्षा को नए शिखर पर ले जाएं।
साधारण परिवार की श्रीजंल ने बीमारी में दी परीक्षा, हासिल की सफलता, शिक्षकों ने दिया संबल।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। साधारण परिवार की श्रीजंल बिहाणी परीक्षा के समय अल्सर की बीमारी से जूझ रही थी। श्रीजंल के दादा सागरमल बिहाणी ने बताया कि वह करीब डेढ़ माह तक गंभीर रूप से बीमार रही परंतु उसी समय परीक्षाएं थी और उसने भी नियमित पढ़ाई का प्रयास किया। श्रीजंल ने बताया कि भारती निकेतन स्कूल में प्रतिदिन बच्चों को फोन कर रिपोर्ट लेने और मोटिवेट करने की रणनीति कारगर रही। एक भी दिन ऐसा नहीं गया जब स्कूल से प्रमोद व अजय सर का फोन नहीं आया। वे रोज यही कहते थे कि बेटा चिंता मत करो तुमने सब पढ़ रखा है और तुम श्रेष्ठ परिणाम हासिल करोगी। उसने बताया कि माता पिता ने पूरा सहयोग दिया और परीक्षा के दिनों में बहुत ख्याल रखा। श्रीजंल सहित उनके पूरे परिवार ने स्कूल व स्टाफ का आभार जताया।
स्कूल ने किया अभिनंदन, घुमने का सपना पूरा करना है।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। आज स्कूल में जश्न मनाया जा रहा है और स्कूल परिवार ने श्रीजंल का अभिनंदन किया। स्कूल के स्टाफ व उनकी कक्षा के छात्र छात्राओं ने उन्हें बधाईयां दी है। श्रीजंल ने आईआईटी के लिए कोचिंग संस्थान में प्रवेश ले लिया है। उसने टाइम्स को बताया कि उन्हें घुमने का बहुत शौक है। पहले वह अपने कैरियर को सेटल करेगी और बाद में नई नई जगह देखने जाएगी। श्रीजंल के परिवार ने उन पर गर्व जताया। पिता गौरीशंकर ने गद्गद भाव से कहा कि उन्हें अपनी बेटी पर पूरा भरोसा है और वे उसके सपने पूरे करने के लिए पूरे प्रयास करेंगे।






