


श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 1 सितंबर 2026। नगरपालिका चुनावो का माहौल गर्म होते ही सोशल मीडिया वॉर जोर शोर से शुरू हो गया है। इस वॉर में बड़ा हथियार बनकर निकले है नगरपालिका टेंडरो की कॉपियां, इससे एक बार फिर भ्रष्टाचार के भूत की चर्चाएं आम हो गई है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे टेंडरों के फोटो ने शहर में “काम बनाम कागज” की बहस छेड़ दी है। लाखों रुपए की लागत वाले अलग-अलग कार्यों के दस्तावेज सामने आने के बाद अनेक लोग पुराने कामों का हिसाब पूछ रहे हैं। वायरल दस्तावेजों में डोर-टू-डोर ठोस कचरा संग्रहण एवं परिवहन के लिए वार्ड 1 से 20 और 21 से 40 तक अलग-अलग जोन में करीब 96.60 लाख रुपए के टेंडर दिखाई दे रहे हैं। वहीं मोमासर बास, कालू बास, बिग्गा बास और आडसर बास में चैम्बर रिपेयरिंग के लिए करीब 10-10 लाख रुपए के कार्य भी दस्तावेजों में दर्ज हैं। इसके अलावा मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए छिड़काव और सार्वजनिक शौचालयों की सफाई से जुड़े टेंडर भी वायरल हो रहे हैं। वहीं चर्चा में लोग एक दूसरे से छिड़काव वाले आए क्या.? के सवाल पूछ कर मजाक कर रहें है।
लाखों के टेंडर, फिर काम कहां?
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। इन दस्तावेजों के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर बवाल मच गया है और हर गली में सवाल उठ रहें है, कि जिन कार्यों के लिए लाखों रुपए की लागत के टेंडर जारी हुए, उनका धरातल पर कितना काम हुआ? कितना भुगतान हुआ? किन स्थानों पर काम हुआ? और आज उन कार्यों की वास्तविक स्थिति क्या है?
हालांकि वायरल टेंडर की वास्तविक तस्वीर वर्क ऑर्डर, एमबी, भुगतान रिकॉर्ड और मौके के भौतिक सत्यापन की कहानी तो नगरपालिका रिकॉर्ड में दफन है, लेकिन चुनावी मैदान में ये वॉर हो रही है। पूर्व में ही प्रदेश भर में भ्रष्टाचार का गढ़ घोषित पालिका के कामकाज को लेकर बहस तेज हो गई है। सवालों की झड़ी लगी है और इन सवालों ने नगरपालिका के वायरल टेंडरों को शहर की चुनावी चर्चा का नया और बड़ा मुद्दा बना दिया है।
इन पालिका चुनावों की हर एक छोटी बड़ी अपडेट, चर्चाएं और तथ्यात्मक व विश्लेषणात्मक खबरों के साथ क्षेत्र की सभी खबरें पढ़ते रहें श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स के साथ।






