






विष्णु पुराण कथा में 16 संस्कार व पवित्र भोजन के महत्व बताए।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। कालूबास के गुसाईंजी मंदिर में चल रही श्री विष्णु पुराण कथा के चौथे दिन व्यास पीठ से 16 संस्कारों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। कथा वाचक पंडित विष्णुदत्त शास्त्री ने इन संस्कारों के अनुसार जीवन-यापन करने से मनुष्य द्वारा जीवन के उच्चतम लक्ष्य को प्राप्त करने की बात कही। उन्होंने (1)गर्भाधान संस्कार (2)पुंसवन संस्कार (3)सीमन्तोन्नयन संस्कार (4)जातकर्म संस्कार (5)नामकरण संस्कार (6)निष्क्रमण संस्कार (7)अन्नप्राशन संस्कार (8)मुंडन संस्कार (9)कर्णवेधन संस्कार (10)विद्यारंभ संस्कार (11)उपनयन संस्कार (12)वेदारंभ संस्कार, (13)केशांत संस्कार (14)सम्वर्तन संस्कार (15)विवाह संस्कार (16)अन्त्येष्टि संस्कार के बारे में विस्तार से बताया और हर एक सनातनी को समय समय पर सभी संस्कारों का पालन करने की बात कही। उन्होंने कहा कि इससे संतान में ज्ञान एवं अध्यात्म की वृद्धि के साथ- साथ उनकी बुद्धि का भी विकास होता है। शास्त्री ने चार आश्रम का वर्णन करते हुए गृहस्थ के सदाचार एवं नियमों के बारें में जानकारी दी। कथा के दौरान उन्होनें भोजन के बारे में उल्लेख करते हुए बताया कि अपने बच्चों को नित्यप्रति फ़ास्ट फ़ूड, पैकेट बंद फूड नहीं खिलाएं और उन्हें शुद्ध एवं पवित्र भोजन करवाने की बात कही जिससे बच्चों में मानसिक बल और शारीरिक बल का विकास हो सकें। इस बीच श्राद्ध का अत्यधिक महत्व बताते हुए कहा कि किसी भी अवस्था में श्राद्ध वंचित नहीं रहना चाहिए। चौथे दिन की कथा के पूर्ण होने से पूर्व भगवान पाराशर और मैत्रेय मुनि के संवाद के अनुसार सूर्यवंश के बारें में वर्णन करते हुए भगवान राम और भक्त हनुमान के प्रसंगों का उल्लेख किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण का लाभ लिया व विभिन्न सुदंर झांकिया भी सजाई गई। बता देवें कथा 9 नवंबर तक दोहपर सवा एक बजे से शाम सवा पांच बजे तक आयोजित होगी।

मूधंड़ा ने पौधे लगाकर, सेवा बस्ती में सेवा देकर मनाया जन्मदिन।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सेसोमूं एज्यूकेशन सोसाइटी के संस्थापक जगदीश प्रसाद मूंधड़ा ने अपने 80वें जन्मदिन पर बुधवार को स्कूल परिसर में पौधे लगाए। उन्होंने नट सेवा बस्ती में फल, बिस्किट एवं गर्म कमल वितरण कर जन्मदिन मनाया। इस अवसर पर मूंधड़ा ने कहा जीवन अनमोल है इसमें सामाजिक कार्यों से जुड़कर मानवता के लिए योगदान देना ही इसे सार्थक बनाता है। उन्होनें जन्मदिन पर फिजूलखर्ची के स्थान पर पौधे लगाकर आने वाले कल के लिए पेड़ का पालन करने की प्रेरणा दी। मूंधड़ा ने कहा कि पर्यावरण के हित में कार्य करना सदैव सुखद होगा और यदि सड़कों के लिए काटे जा रहें पेड़ों की भरपाई करनी है तो ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाएं जिससे हम सब को स्वच्छ वातावरण मिल सकें। इस दौरान पद्मा मूंधड़ा सहित प्रधानाचार्य व शाला का पूरा स्टॉफ मौजूद रहा व सभी ने मूंधड़ा को 80वें जन्मदिन की बधाई दी।

ट्रोमा का शीघ्र निर्माण शुरू करने की दोहराई मांग, होगा सांकेतिक अनशन।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। उपखंड कार्यालय में ट्रोमा सेंटर के निर्माण के लिए 23वें दिन धरना जारी रहा और धरने पर 60 नागरिकों ने दिनभर में पहुंचकर अपना समर्थन दिया। धरनार्थियों ने शीघ्र निमार्ण कार्य प्रारंभ करने की मांग दोहराते हुए 10 नवंबर तक ट्रोमा का निर्माण कार्य शुरू नहीं होने पर प्रतिदिन सांकेतिक अनशन पर बैठकर सदस्यों द्वारा विरोध तेज करने की बात कही। धरनार्थियों ने पुराने एएमओयू के अनुसार ही निर्माण करवाने की बात कही। इस दौरान धरने पर पूर्व पार्षद आशीष जाड़ीवाल, हरिप्रसाद सिखवाल, राजेंद्र, चुन्नीलाल टाडा, मदन प्रजापत, भंवरलाल प्रजापत, प्रकाश गांधी, राजाराम गोदारा, मुकेश, सुभाष जावा, बबलू बिसायती, शौकीन, जावेद बेहलिम, हरिराम बारूपाल, तिलोकाराम मेघवाल, गायत्री मेघवाल, परमेश्वरलाल गोदारा, टेऊ सरपंच सुनील मेघवाल, मनीष नायक, रामचंद्र गोदारा, बाबूलाल रेगर, अजहरुद्दीन काजी सहित अनेक नागरिक मौजूद रहें।

श्रीयादे माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष गुरुवार को आएंगे बीकानेर
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीयादे माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रहलाद राय टाक गुरुवार रात्रि 8 बजे बीकानेर पहुंचेंगे। वे रात्रि विश्राम सर्किट हाउस में करेंगे।
अभिनंदन समारोह में बताई तप की महिमा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गांव मोमासर में तेरापंथ भवन में मंगलवार सुबह साध्वी संघप्रभा के सान्निध्य में कंचन देवी पटावरी के सात की तपस्या पूर्ण होने पर अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। साध्वी ने तप से आत्म ज्योति प्रखर होने की बात कहते हुए कहा कि आत्म ज्योति से व्यक्ति परमात्मा स्वरूप को प्राप्त कर लेता है जो तपस्या का उद्देश्य है। महिला मंडल सदस्यों ने गीतिका प्रस्तुत की व साध्वी विधि प्रभा ने तन बल और मनबल से ही तपस्या संपन्न होने की बात कही। इस दौरान कार्यक्रम में पुष्पा देवी, किरण देवी, अमराव देवी पटावरी तथा जगत पटावरी ने भावाभिव्यक्ति दी। तेरापंथी सभा के मंत्री जतनलाल सेठिया और अणुव्रत समिति की अध्यक्ष सुमन बाफना व मंत्री राकेश संचेती ने तप के पथ पर आगे बढ़ने की बात कही। कार्यक्रम का संचालन साध्वी प्रांशु प्रभा ने किया। तेरापंथी संस्थाओं व अणुव्रत समिति द्वारा कंचनदेवी पटावरी को दुपट्टा पहनाकर व साहित्य भेंट कर सम्मान किया गया।





