August 29, 2026
मातृ दिवस पर श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र से विशेष कवरेज। “मां तो मां होती है”

                     श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स
8 मई अर्न्तराष्ट्रीय मदर्स डे का ईतवार इत्मीनान का है। सोशल मीडिया साइट्स पर मां के प्रति भाव उमड़ रहें है और तो गत दिनों क्षेत्र में घटी एक घटना का स्मरण हो आया है। आज के दिन इस घटना को पाठकों तक जरूर पहुंचाया जाना चाहिए जो इस कलयुग में अविश्वास, असहयोग के साथ रिश्तों का बोझा ढो रहें मानवों के लिए सकारात्मक ऊर्जा से भरी जरूर साबित होगी। श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स की टीम का मानना है कि क्षेत्र की आंखोदेखी इस घटना से आप सभी का मां, उनकी ममता के साथ मानवता पर भी विश्वास ओर प्रबल हो सकेगा।

“मां तो मां होती है”
मां तो मां होती है ये जुमला आपने हजारों बार सुना होगा पर इसका अर्थ समझने का प्रयास आज इस घटना के साथ कर सकते है। आज हर परिवार में मां ही वो रिश्ता है जो अटूट प्रेम के साथ सभी रिश्तों को संभालने के लिए सेतु बनी हुई है। इस खास मौके पर गत दिनों घटित एक घटना स्मरण हो आई है। घटना 31 मार्च की है और गांव कल्याणसर नया की। यहां कोजाराम मालाराम गोदारा की ढाणी में लगी भीषण आग में 18 पशु जिंदा जलकर मरे वहीं कुछ अन्य घायल भी हुए। पालतु पशुओं के जिंदा आग में भुनने का ह्दय विदारक मंजर जब आंखो के सामने था तब ग्रामीणों ने मां की ममता के मूल्य स्थापित होते देखें। आग लगे उस झोंपड़े में हालही में ब्याई एक गाय भी थी जिसने आग की तपिश से रस्सी तुड़वा ली और बाहर की ओर दौड़ आई। परंतु बाहर की हवा में सांस लेते ही उसे अपने नवजात बछड़े का स्मरण हो आया और वो पुनः झोंपड़े की ओर दौड़ पड़ी। यहां उपस्थित ग्रामीणों ने उसे हटकार कर वहां से हटाने के कई प्रयास किए परंतु वह गाय नहीं मानी और ग्रामीणों को उग्र होकर मार्ग से हटाते हुए जलती आग में प्रवेश कर गई। जब कई बलि लेने के बाद आग शांत हुई तो वही गाय अपने नवजात बछड़े के पास मृत पड़ी मिली। इस मंजर ने प्रत्येक ग्रामीण की आंखे नम कर दी और केवल कल्याणसर ही नहीं आस पास के गांवो तक घटना की चर्चा में गाय का उल्लेख शामिल रहा। हर कोई कह रहा था वह अपनी जान बचा सकती थी पर क्या करती आखिर मां तो मां ही होती है।