






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 5 जून 2026। प्रतिवर्ष गांव तोलियासर में बरसात से पहले तालाब की साफ सफाई का कार्य किया जाता है। गांव में शुक्रवार को प्रशासक प्रतिनिधि गिरधारीसिंह सहित ग्रामीण युवा तालाब की सफाई में जुटे थे। यहां दो अजीबोगरीब मूर्तियां मिली जिन्हें देख कर ग्रामीणों में कौतूहल का माहौल छा गया। ये मूर्तियां भैरव मंदिर में रखवाई गई है।
युवाओं ने इनकी फोटो डालकर गूगल पर जानकारी ली तो ये मूर्तियां मिस्र के देवी देवताओं की मूर्तियां बताई गई। विदित रहें दो दिन पूर्व कौलायत क्षेत्र में एक तालाब की खुदाई में मिले शिलालेख व मूर्ति राजस्थान की सभ्यता व संस्कृति से जुड़ी थी परंतु ये मूर्तियां यहां की संस्कृति के विपरित मिली है। फिलहाल ये मूर्तियां यहां कैसे आई या इनका कोई ऐतिहासिक महत्व है या नहीं ये जानकारी तो नहीं मिल पाई परंतु इन्हें लेकर गांव भर में नई बहस छिड़ गई है। ये युवाओं में चर्चा का विषय बन गई है।
दोनों मूर्तियों के बारे में गूगल से जानकारी मिली है, कि स्फिंक्स प्राचीन मिस्र के सूर्य से संबंधित देवता है और इसे मिस्र के राजाओ की दैविक शक्ति माना जाता है। द स्फिंक्स ऑफ़ गीजा 4500 वर्ष पुराना माना जाता है। वहीं बेस्टेट ये भी प्राचीन मिस्र में प्रजनन और बिल्ली की देवी मानी जाती है। इसे घर में खुशहाली और शांति का प्रतीक माना जाता था।






