






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 3 फरवरी 2025। क्षेत्र में अपराध का ग्राफ बढ़ने के साथ अपराधों की प्रकृति भी बड़े शहरों व अपराधी इलाकों जैसी होने लगी है। रविवार को हाइवे पर एक स्कोर्पियो का पीछा कर उसे रूकवाने, उसमे सवार को बंधक बनाकर 15 लाख रूपए की फिरौती मांगने का मामला सामने आया है। देर रात करीब 1.30 श्रीडूंगरगढ़ थाने में मामला दर्ज हुआ और कार्यवाहक थानाधिकारी एएसआई राजकुमार व हैड कांस्टेबल राजकुमार विश्नोई की तत्परता से तीन आरोपियों को डिटेन किया गया।
दो नामजद सहित सात जनों पर आरोप, लूटी सोने की चैन।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। नोखा के गांव सुरपुरा के निवासी 36 वर्षीय सुदंरलाल पुत्र मालचंद ने पुलिस को बताया कि वह अपने 10 वर्षीय बेटे व भागीरथ पुत्र गोपाकिशन ब्राह्मण के साथ अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी में रिश्तेदारी में गांव बिग्गा जा रहा था। श्रीडूंगरगढ़ से करीब 5 किलोमीटर बिग्गा की ओर शाम करीब 4 बजे एक कैंपर जिसमें सात जने सवार थे उनकी स्कोर्पियो के पीछे हो गई। कैंपर से आरोपियों ने बार बार उनकी गाड़ी रूकवाने का प्रयास किया। उसने बचने का प्रयास किया परंतु आरोपियों ने उसकी गाड़ी को टक्कर मारकर आगे कैंपर लगा कर स्कॉर्पियो को रूकवा लिया। परिवादी ने बताया कि कैंपर से तीन चार जने उतर कर आए जिनमें परिवादी दो जने हेमासर निवासी कन्हैयालाल व तेजरासर निवासी रामस्वरूप पुत्र लिछीराम जाट थे। उसने बताया कि कन्हैयालाल के हाथ में पिस्तौल थी, उसने परिवादी को पीछे की सीट पर डाल दिया व रामस्वरूप गाड़ी चलाने लगा। आरोपियों ने उसकी गाड़ी को बीकानेर की ओर घुमा लिया तथा लखासर तक वापस लेकर आए व रास्ते में बेटे और भागीरथ सहित उसके साथ लगातार मारपीट की। बाकि के लोग कैंपर में उनके पीछे ही थे। लखासर से वे एक कच्चे रास्ते से सूनसान खेत में ले गए। वहां पिस्तौल के दम पर 15 लाख रूपए देने व नहीं देने पर जान से मारने की धमकियां दी। परिवादी ने घबरा कर अपने भाई से बात करवाने व रूपए मंगवाने की बात कही। आरोपियों ने उसके भाई को फोन लगाकर धमकाया कि रूपए लेकर आओ नहीं तो तुम्हारे भाई व भतीजे को जान से मार देंगे। परिवादी ने थोड़ा समय देने की बात कही, आरोपी उसे एक सुनार के यहां ले गए। वहां उसकी गले की चैन का हिसाब किताब करवाया तो ये केवल 6 लाख की होने और शेष रूपए मंगवाने की धमकी दी। आरोपी उन्हें लेकर स्कोर्पियो में सेरूणा की ओर ले गए। जहां पुलिस नाकाबंदी में पुलिस ने स्कोर्पियो व कैंपर गाड़ी को रूकने का इशारा किया तो आरोपी रामस्वरूप ने उसकी गाड़ी से पुलिस की गाड़ी को टक्कर मार दी। पुलिस ने पीछा कर उसकी गाड़ी रूकवाई और तीनों को आजाद करवाया। तीन को पुलिस ने मौके पर ही पकड़ लिया। पुलिस ने गाड़ी तोड़ने, गले से चैन छीनने, अपहरण करने, फिरौती मांगने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया। मामले की जांच कार्यवाहक थानाधिकारी एएसआई राजकुमार को दी है।
पुलिस की सक्रियता, पीछा कर तीन को पकड़ा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ पुलिस के हैड कांस्टेबल राजकुमार विश्नोई, कांस्टेबल आनंद कुमार, अनिल मील इंद्रचंद, चालक रामनिवास की टीम ने आरोपियों का पीछा किया। तीन को सेरूणा थाना क्षेत्र में धर दबोचा। मामले पूरा खुलासा सोमवार शाम तक होगा।



