






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 23 सितंबर 2025।
प्रदेश में कक्षा 9 से 12 तक में अध्ययनरत विद्यार्थियों में 21 वीं सदी के कौशल विकास एवं सशक्तिकरण के लिए “प्रबल कार्यक्रम” शुरू किया गया है। इस कार्यक्रम का पूरा नाम Program to Recognize Abilities and Build up Adaptive Life Skills of 21th Century है।
कक्षा 8 उत्तीर्ण करने के बाद विद्यार्थी किशोरावस्था से वयस्कता की ओर बढ़ते हैं। ऐसे समय में विषयगत दक्षता के साथ-साथ उनके कौशल पर ध्यान दिया जाना जरूरी है। वर्तमान वैश्वीकरण युग में किशोरों के सामने सामाजिक, भावनात्मक एवं व्यावसायिक चुनौतियां हैं जिनका सामना करने के लिए जीवन, नेतृत्व, नागरिकता एवं अन्य कौशलों को समझना एवं उनका सामना करने के लिए तैयार करने हेतु रणनीति बनाना अत्यन्त आवश्यक है। इस हेतु प्रबल कार्यक्रम तैयार किया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2022, राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन एवं यूनिसेफ के जीवन कौशल शिक्षा के ढांचे के आधार पर यह कार्यक्रम संचालित किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य समावेशी, सुरक्षित एवं भविष्योन्मुख शिक्षण का वातावरण तैयार कर विद्यार्थियों को मानसिक, सामाजिक, भावनात्मक रूप से सशक्त करना है ताकि पुस्तक़ीय ज्ञान एवं वास्तविक जीवन की चुनौतियों के बीच के अंतर को कम कर स्वतंत्र निर्णय लेने, तनावमुक्त होने, समुदाय में जिम्मेदारीपूर्वक कार्यवाही करने में सक्षम हो सके।
कार्यक्रम के अन्तर्गत जागरूकता, संप्रेषण, अंतर्वैयक्तिक सम्बन्ध, टीम वर्क, समालोचनात्मक चिंतन, समस्या समाधान, रचनात्मक चिंतन, जुझारूपन, नेतृत्व कौशल, नागरिकता कौशल, नैतिक मूल्य, वित्तीय साक्षरता, डिजिटल साक्षरता एवं जलवायु, इन 14 प्रकार की थीम्स के अंतर्गत शाला, ब्लॉक, जिला एवं राज्य स्तर पर गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
शाला स्तर पर गार्गी मंच की सुगमकर्ता कार्यक्रम की प्रभारी नामित किया जाएगा। गतिविधियों के संचालन हेतु ग्रेडवार प्रभारी शिक्षकों को नामित किया जाएगा जो आपस में चर्चा करके समय चक्र तैयार करेंगे तथा सप्ताह में दो दिन जीवन कौशल गतिविधियों का आयोजन करेंगे। गतिविधियों के आयोजन में बाल संसद की भी भूमिका रहेगी।
थीम्स से संबंधित गतिविधियों का शाला स्तर पर आयोजन कर चयन समिति, गार्गी मंच के सदस्यों द्वारा निर्धारित मानदंडों के आधार पर समीक्षा कर ब्लॉक स्तर के लिए श्रेष्ठ प्रस्तुति के लिए प्रत्येक विद्यालय से एक छात्र एवं एक छात्रा का चयन किया जाएगा। सितम्बर के अंतिम सप्ताह में इन चयनित विद्यार्थियों की ब्लॉक के पीएम श्री विद्यालय में प्रस्तुति होगी। ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा गठित चयन समिति द्वारा जिला स्तर के लिए श्रेष्ठ प्रस्तुतियों का चयन किया जाएगा। अक्टूबर के तृतीय सप्ताह में जिला स्तर पर आयोजन होगा जिसमें 4 विद्यार्थियों का राज्य स्तरीय कार्यक्रम के लिए चयन किया जाएगा। विभिन्न स्तरीय चयन समितियां रचनात्मक एवं सह शैक्षिक गतिविधियों के माध्यम से निर्धारित मानदंडों के आधार पर अगले चरण के लिए विद्यार्थियों का चयन करेंगी। चयन का उद्देश्य नेतृत्व क्षमता का विकास करना भी है। राज्य स्तर पर चयनित विद्यार्थी नेतृत्व के लिए मॉक विधान सभा में प्रतिनिधित्व करेंगे। इसके लिए विद्यालय स्तर पर 14 थीम्स के आधार पर विद्यार्थियों को विधायिका एवं विधानसभा सत्रों से संबंधित सामान्य जानकारी प्रदान की जाएगी ताकि वे विधान सभा की प्रक्रिया, भूमिका, कार्यप्रणाली को समझ कर आगामी गतिविधियों में आत्मविश्वास के साथ भाग ले सकें।
संक्षेप में, प्रबल कार्यक्रम की गतिविधियां विद्यार्थियों को आत्मविश्वासी, जिम्मेदार, जागरूक नागरिक बनाने के साथ-साथ उनके व्यक्तिगत जीवन, भावी कॅरियर और समाज के प्रति भूमिका निभाने में सहयोगी बनेंगी।




