May 20, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 29 अक्टूबर 2025। नेहरू पार्क में शारदा सीताराम मोहता परिवार द्वारा आयोजित भागवत कथा के आज छठें दिन महामंडेलश्वर आचार्य स्वामी भास्करानंदजी महाराज ने महारास प्रसंग का सुक्ष्म अर्थ व मर्म समझाया। महाराज ने कहा कि रास आत्मा व परामात्मा के एकाकार होने की घटना है। उन्होंने कहा कि आज भी महारास के दर्शन सच्चे भक्त हो सकते है उसके लिए काल व दृष्टि से परे भगवत प्रेमी बनना होगा। उन्होंने भजन का भगवान में मन लगाने अभ्यास करने की क्रिया बताई। स्वामी जी ने संत तुलसी, सुरदास, कबीर, मीरा बाई व नरसी मेहता की भक्ति के उदाहरण दिए। रावण प्रसंग का उल्लेख करते हुए अधर्म को सदैव अस्वीकृति देने की प्रेरणा दी। कामदेव के अहंकार के मर्दन की कथा सुनाई। महाराज ने वर्तमान युग में मोबाइल को भूत कहा जो किसी को चैन से नहीं बैठने देता। उन्होंने कहा कि भजन व कथा में मोबाइल बंद करके भगवान का गुणगान श्रवण करना चाहिए। महाराज ने भक्त को प्रति पल मन में हे मेरे नाथ मैं तुम्हें भूलूं नहीं की रटन करने की बात कही। कृष्ण लीलाओं का वर्णन करते हुए रूकमणी विवाह प्रसंग का विस्तृत वर्णन किया। रूकमणी कृष्ण विवाह की सुंदर झांकी सजाई गई। भजनों पर जयकारे लगाते हुए श्रद्धालु खूब झूमे। बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा में शामिल हुए।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। मोहता परिवार ने राजस्थानी परंपरा में महाराज का साफा पहना कर सम्मान किया।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। रूकमणी कृष्ण विवाह की मनमोहक झांकी सजाई गई।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। भजनों पर आनंदित होकर महिलाओं ने खूब झूम कर नृत्य किया।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। विवाहोत्सव बनाया गया और श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाते हुए जमकर नृत्य किया।