May 21, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। ट्रोमा सेंटर के निर्माण को लेकर चल रहे धरने के 38 दिन बीत जाने के बाद भी प्रशासन व सरकार द्वारा सुध नहीं लेने पर आज आंदोलनकारियों ने आम सभा आयोजित की एवं सभा के बाद उपखण्ड अधिकारी कार्यालय में घुस कर प्रशासन के साथ तनातनी के माहौल में वार्ता की। हालांकी पुलिस ने आंदोलनकारियों को उपखण्ड अधिकारी कार्यालय के बाहर ही रोकने का प्रयास किया लेकिन आंदोलनकारी उपखण्ड अधिकारी चैम्बर में घुस गए। आंदोलनकारियों के आक्रोश को देखते हुए उपखण्ड अधिकारी उमा मित्तल ने ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी, उप जिला चिकित्सालय प्रभारी को भी मौके पर बुलाया एवं वार्ता की। करीब घंटे भर चली वार्ता के दौरान प्रशासन ने नया नक्शा आने एवं नए नक्शे के बाद ही नया एमओयू होने की बात कही और प्रशासन की इस बात से आंदोलनकारी अंसतुष्ट ही दिखे एवं पहले हुए एमओयू के अनुसार ही निर्माण जल्द से जल्द शुरू करवाने की मांग की। दोनो पक्षों के बीच कोई सहमति नहीं बन पाई एवं आंदोलनकारियों ने पुराने एमओयू के अनुसार ही निर्माण जल्द से जल्द शुरू करवाने के लिए ज्ञापन देते हुए आर पार की लड़ाई करने की घोषणा की। वार्ता के दौरान पूर्व विधायक गिरधारीलाल महिया ने वर्तमान विधायक पर नए नक्शे, नए एमओयू के नाम पर निर्माण को लटकाने एवं मार्च तक लटकाने के बाद सरकार द्वारा घोषणा करवाने की योजना रखने का आरोप लगाया। महिया ने वर्तमान विधायक के इस कदम को जनविरोधी बताया एवं केवल विधायक की इस मंशा के कारण डेढ़ वर्ष के दौरान सैंकड़ों परिवारों के सड़्क दुर्घटनाओं में हताहत होने की बात कही। वार्ता में प्रशासन की और से उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार, ब्लॉक सीएमएचओ, उपजिला चिकित्सालय प्रभारी शामिल हुए एवं आंदोलानकारियों की और से पूर्वविधायक गिरधारीलाल महिया, कांग्रेस प्रदेश महासचिव मूलाराम भादू, आशिष जाड़ीवाल, एडवोकेट श्यामसुंदर आर्य, सोम शर्मा, मुकेश सिद्ध, हरि सिखवाल आदि शामिल रहे। वार्ता के बाद आंदोलनकारियों ने आंदोलन को और अधिक तेज करने का आह्वान किया एवं जल्द से जल्द ट्रोमा का निर्माण शुरू करवाने का आह्वान किया। आंदोलन तेज करने के लिए आगामी 26 नवम्बर से कस्बे के वार्डों में जनसभाएं करने एवं सभाओं में आंदोलन को तेज करने का आह्वान करने का निर्णय लिया गया। 26 नवम्बर से प्रतिदिन कस्बे के 6 वार्डों में सम्पर्क सभाएं करने का निर्णय लिया गया है एवं शहरी क्षेत्र के बाद गांवों में भी सम्पर्क सभाएं करने का भी निर्णय लिया गया।