






श्रीडूंगरगढ टाइम्स 14 अगस्त 2020। कस्बे के कालूबास में ढ़ाई-तीन वर्षीय बालिका काव्या नागरिकों की सजगता के कारण हिफाजत से आज अपने घर पहुंच गयी। आज शाम को काव्या को अकेले अगवाणीजी की गली में घूमते देख कर गली के बुजुर्ग राधाकृष्ण मोहता ने उसे अपने घर के पास रोक लिया। मोहता ने बालिका से स्नेह पुर्वक बात की व नाम,पता पूछा। बालिका केवल अपना नाम काव्या बता पा रही थी और कुछ भी नहीं बता पाई। मोहता परिवार के भैरूंदान मोहता, बालकृष्ण मोहता सहित युवक अंकित राठी, अश्वनी राठी ने बच्ची को लाड़ प्यार से रखा व गोद में घूमाते हुए टॉफी, चिप्स खिलाते हुए पापा का नाम जानना चाहा। परन्तु बच्ची नहीं बता पाई और मोहता परिवार के अन्य बच्चों के साथ घुलमिल कर खेलने लगी। करीब 2 घंटे तक इन युवकों ने बच्ची के परिजनों का पता लगाने के लिए आस पास के घरों में पूछताछ की व कई दूर तक गलियों में बाइक पर घूमें। युवकों ने मोबाइल में बच्ची का फोटो दिखाते हुए परिजनों का पता लगाने का प्रयास किया। राधाकृष्ण मोहता ने कुछ और सोचने का सुझाव दिया ही था तभी काव्या के पिता उसे खोजते हुए मौके पर पहुंचे। गली के बुजुर्गों ने पिता को बालिका का ध्यान रखने की सलाह देते हुए बालिका को सौंप दिया। मोहता परिवार व इन युवकों की सजगता से काव्या सुरक्षित अपने घर पहुंच गई। काव्या के पिता ने गद्गद स्वरों में इनका आभार प्रकट किया।



