






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 11 जनवरी 2021। श्रीडूंगरगढ़ में इस बार नगरपालिका चुनाव की ऐसी तस्वीर बनने जा रही है जिसकी कल्पना शायद ही शहरवासियों ने पहले कभी की हो। 21वीं सदी में विकास की बात करते नागरिक और अब तक के विकास पर नागरिकों के प्रश्न तैयार है। पहली बार जनता के पास दो से तीन नहीं वरन अनेक विकल्प के साथ उम्मीदवार होगें और समीकरण बिगड़ने के पूरी संभावनाऐं जताई जा रही है। भावी उम्मीदवारों द्वारा वार्डों में बैठके ली जा रही है व अपनी जीत के समीकरण तलाशें जा रहें है। श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स से जुड़ कर आप अपने क्षेत्र के वार्डों की यात्रा करेंगे और जानेंगे वो सभी जानकारियां जो एक जागरूक मतदाता तक पहुंचनी जरूरी है। आज टाइम्स की टीम पहुंची कस्बे के वार्ड 1-2-3 में और जायजा लिया वार्डों की स्थितियों का, मन टटोला गया वार्डवासियों का, पढ़ें आप भी टाइम्स की ग्राऊंड रिपोर्ट।
वार्ड-1- वार्ड 1 में सीट एससी आरक्षित है और यहां चुनाव रोचक होने की संभावना है। वार्ड में गंदगी, सड़कों की व्यवस्था, खंबो पर बिजली नहीं होना मुख्य समस्या नजर आई। कागजों में भले ही पूरा शहर शौच मुक्त है परन्तु यहां नागरिकों के घरों में शौचालय ही नहीं बने हुए है। अब विकास की बात करें तो यहां बड़ी संख्या में मकान गोचर भूमि पर बनाएं गए है और इनका नियमन ही सबसे बड़ी अग्नी परीक्षा होगी अगले पार्षद की के लिए। वार्ड 1 में भापजा व कांग्रेस में सीधी टक्कर की बातें सामने आई वहीं अभी तक विकास मंच, माकपा, आरएलपी की कोई चर्चा नहीं सुनाई दी। यहां नागरिकों की मुख्य शिकायत रही की उनके नाम राशन कार्ड में खाद्य सुरक्षा में नहीं जोड़े गए है और जो उम्मीदवार जुड़वाने का वादा करेगा वोट उसे ही देने की संभावनाऐं बढ़ेगी। वार्ड के बुजुर्ग किसनाराम नाई ने कहा कि कोई जीत जाएं या कोई हार जाएं सुनवाई कोई नहीं करता हम चाहते है इस बार जो आए वह वार्ड का विकास करवाएं।
वार्ड 2- ये भी सीट एससी के लिए आरक्षित है और नागरिकों की शिकायत रही की निवर्तमान पार्षद को जीत जाने के बाद कभी देखा ही नहीं और वह एक बार जनता के बीच आकर हमें संभाल लेते तो हमें वोट देने का गम नहीं रहता। यहां नागरिकों को नागरिकों ने कहा कि सड़कें टूटी फूटी है और हम पानी के लिए भी बार बार संघर्ष करते है। यहां भाजपा और कांग्रेस के दावेदारों के नाम फाइनल बताएं जा रहें है और यहां विकास मंच का उम्मीदवार भी फाइनल बताया जा रहा है। यहां त्रिकोणीय संघर्ष की बात होगी क्योंकि वार्डवासियों का कहना है कि विकास मंच का दावेदार वार्ड में मजबूत स्थिति में है।
वार्ड 3- में भाजपा, कांग्रेस, आरएलपी के प्रत्याशी उतरने के साथ ही कॉमरेड व विकास मंच का भी प्रत्याशी मैदान में उतरने की चर्चाएं नुक्कड़ों पर चल रही है। यहां कांटे की टक्कर होने की संभावना है और जाट व ब्राह्मण वोटों में बंटवारे पर निर्णय टिक सकता है। यहां नागरिकों को शिकायत रही कि बिजली के खंबो पर लाईट खराब होने पर हमने स्वयं ही लगवाई है कभी निगम के कर्मचारियों से कार्य नहीं करवाया गया। वार्डवासियों में चुनाव गजब का होने की चर्चाएं है और यहां सभी पार्टियों की बैठकों का दौर चल रहा है व टिकिट की घोषणा में भी पार्टियों के नेताओं को कार्यकर्ताओं की जोर आजमाइश देखने को मिल रही है।



