May 21, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 4 जून 2023।  कांग्रेस ने भले ही अशोक गहलोत व सचिन पायलट को साथ बिठा दिया और बाद में बाहर आकर वेणुगोपाल ने घोषणा कर दी कि राजस्थान में कांग्रेस एकजुट होकर अगला चुनाव लड़ेगी। जब ये घोषणा मीडिया के सामने वेणुगोपाल ने की तब गहलोत व पायलट उनके अगल- बगल में खड़े थे, मगर दोनों कुछ नहीं बोले। दोनों की चुप्पी में गहरे अर्थ छिपे थे, बॉडी लैंग्वेज भी कुछ अलग ही कहानी कह रही थी।
इसका पहला प्रमाण दिया गहलोत ने। दिल्ली की मीडिया के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि अगर पायलट कांग्रेस में है तो मिलकर ही काम करेंगे। इस द्विअर्थी बयान में तंज था। जिसका जवाब पायलट ने टोंक में दिया। उन्होंने मीडिया से कहा कि जन संघर्ष पदयात्रा के समय जो तीन मांगे की थी, वे उन पर कायम है। उनको पूरा करायेंगे। पायलट गुट के विधायक वेदप्रकाश सोलंकी ने सह प्रभारी की बैठक का बहिष्कार किया और पायलट की मांग पर मुहर लगाते हुए कहा कि सरकार को तीनों मांगों पर जवाब देना होगा, चाहे तो माने या खारिज कर दे।
इस स्थिति से स्पष्ट है कि राजस्थान कांग्रेस का संकट अभी टला नहीं है। भले ही प्रभारी व सह प्रभारी ये कहें कि हम एक हैं और मिलकर चुनाव लड़ेंगे। राहुल गांधी अमेरिका में है और 8 जून को वापस आयेंगे। अब तो स्थिति उसके बाद ही स्पष्ट होगी। उसमें भी सचिन के झुकने के आसार कम ही दिखते हैं। क्योंकि उनकी इमेज बनाने का काम पीके व उनकी टीम कई महीनों से कर रही है। ये बात कुछ अलग ही राजनीतिक ईशारा कर रही है। राजनीतिक हलके में उनके अलग राह पकड़ने की भी चर्चा शायद इसी कारण है। स्व राजेश पायलट की पुण्यतिथि 11 जून को है, उस दिन सचिन कोई बड़ी घोषणा भी कर सकते हैं। इस तरह के कयास यदि प्रदेश के राजनीतिक हलके में लगाये जा रहे हैं तो वे गलत भी नहीं है। इसीलिए 8 जून को राहुल के आने के बाद ही राजस्थान के कांग्रेस संकट पर तस्वीर से कुछ धुंध हट सकेगी।
निजी तौर पर हुए सर्वे भी ये बताते हैं कि अगर पायलट के बिना कांग्रेस को चुनाव लड़ना पड़ा तो राह बहुत कठिन होगी। मगर भाजपा को भी ज्यादा खुश होने की जरूरत नहीं, पायलट अलग राह चले तो उसे भी बड़ा नुकसान होगा। पूर्वी राजस्थान की 59 सीट दोनों पार्टियों के लिए बड़ा संकट खड़ा करेगी। कुल मिलाकर राजस्थान का चुनावी गणित अभी तक उलझा हुआ है। उसके सुलझने का काम राहुल के अमेरिका से आने के बाद ही शुरू होगा।
– मधु आचार्य ‘ आशावादी ‘
वरिष्ठ पत्रकार