






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 29 अक्टूबर 2021। श्रीडूंगरगढ़ के लखासर गांव में मुख्यमंत्री की यात्रा पर सबसे बड़ी बात यही नजर आई कि सीएम ना काहू से दोस्ती व ना काहू से बैर के मूड में नजर आए। कांग्रेस के स्थानीय सिपहसालार पूर्व विधायक मंगलाराम गोदारा की अगुवाई में सारी रात कार्यकर्ता आयोजन की तैयारियों में टेंट सजाने व व्यवस्था करने में जुटें रहें। माना जा रहा था विधायक गिरधारीलाल महिया शिविर में नहीं आएंगे परंतु सीएम के प्रोटोकॉल में हेलीपैड से लेकर पूरी देर सीएम के साथ रहना चर्चा का विषय बना। इसी प्रकार मंगलाराम गोदारा के विरोधी माने जाने वाले यूथ कांग्रेस के देहात जिलाध्यक्ष हरिराम बाना को भी हैलीपैड़ पर प्रोटोकाल में शामिल करना भी चर्चा का विषय रहा। कुछ माह पहले धनेरू गांव में हुई सीएम सभा में बाना को सभी प्रोटोकाल से दूर रखा गया था। लेकिन इस बार यूथ कांग्रेस के देहात जिलाध्यक्ष को भी महत्व दिया गया। सीएम के संबोधन में उन्होने स्थानीय विधायक महिया का नाम पहले बोला तो कई हैरान हुए परन्तु वर्तमान विधायक का मान उन्होंने रखा और तुरन्त अपने पूर्व विधायक गोदारा का नाम लिया। हालांकि गोदारा मंच पर सीएम नजदीकी कुर्सी पर बैठे थे वहीं महिया उनसे थोड़ा दूर बैठे रहे। मंच पर गोदारा और महिया दोनो ने सीएम को क्षेत्र संबंधी मांगपत्र भी सौंपे। सीएम ने अपने संबोधन में मंच की ओर इशारा कर कहा कि जो भी आपने मांगा वो हमने आपको दिया निराश नहीं किया है और आगे भी देते रहेंगे। परंतु ये कहते हुए उन्होंने नाम किसी का नहीं लिया जिससे गोदारा समर्थक उनके व महिया समर्थक उनके लिए इशारा मान रहें है। मंच से जनता को संबोधन दोनो का ही नहीं हुआ जिससे स्थानीय नेता अपनी बात नहीं रख पाए और जनता निराश हुई। महिया ने फूलों का गुलदस्ता देकर सीएम का श्रीडूंगरगढ़ की जनता की ओर से स्वागत किया तो गोदारा ने भी उनसे वार्ता की। यहां विधायक गोविंदराम मेघवाल के साथ भी बड़ी संख्या में समर्थक पहुंचे और मेघवाल ने सीएम से उन्हें मिलवाया तो उनका सरकार में रुतबा भी नजर आया। सीएम ने जनसेवक स्वयं को बताया परन्तु यहां वे अपनी छवि के अनुरूप आमजन से समयाभाव के कारण मिल नहीं सकें। गहलोत ने स्पष्ट कोई संकेत किसी नेता के समर्थन का नहीं दिया और ना ही दोनों नेताओं में से किसी को नाराज किया। उल्टा दोनों को राजी ही किया।



