May 20, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 29 अक्टूबर 2021। पढ़ें पीड़ित व प्रताड़ित ही नहीं उपेक्षित कहानियां और पहुंचाए आका तक।
दृश्य एक- गांव लाधड़िया का सुखराम भोपा जिसने पूरा जीवन इसी गांव बिता दिया। 7 सदस्यीय इस परिवार को आज तक किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिला है चाहे वो खादय सुरक्षा हो या अन्य किसी भी प्रकार की सरकारी योजना। इतने वर्षों से अभी तक सुखराम भोपा का जीवन टेंट में ही गुजर रहा है न आवास हैं न स्वयं की कोई जमीन। ये परिवार अब खाद्य सुरक्षा में जुड़ने के प्रयास कोरोना काल से लगातार कर रहा है। गांव के दुलदास स्वामी इनकी मदद कर रहें है पर सवाल सिस्टम का है।
दृश्य -2 गांव बरजांगसर दिव्यांग डालदास 7 सदस्यीय परिवार के मुखिया है और कोरोना काल से आर्थिक परेशानियों से जूझ रहें है। दयनीय स्थिति को देखकर परिवार सहित गांव के जागरूक युवा प्रशासन गांवो के संग शिविर में इन्हें खाद्य सुरक्षा में जोड़ने की मांग करने पहुंचे तो अधिकारियों ने असमर्थता जाहिर कर दी।

गरीब ग्रामीण ताराचंद सोनी 6 सदस्यीय परिवार तथा श्यामसुंदर सोनी के 5 सदस्यीय परिवार के पास कोई जमीन नहीं है और रोजगार का कोई साधन भी नहीं है। ऐसे पूर्णाराम जाट, हेतराम नाई, भँवरदास स्वामी, राकेश शर्मा, ओमप्रकाश शर्मा, तुलछीराम शर्मा, श्याम सुंदर सोनी, उदाराम मेघवाल, कालूराम नायक, राजूराम मेघवाल, मांगीलाल सांसी के परिवार भी परेशान व हताश है। रेवंतनाथ की पत्नी ने गुहार लगाई है आवाज नेताओ तक पहुंचाने की।

श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र सहित पूरे राज्य के क्षेत्रीय आकाओं से पीड़ितों की गुजारिश है की खाद्य सुरक्षा पोर्टल में नाम जुड़वाने के लिए पोर्टल खोला जाए। पात्र लोगों को इसमें जोड़ कर खाद्य सुरक्षा का हक व सम्मान दिया जाए। गरीब परिवारों ने कोरोना के द्विवर्षीय लॉक डाउन में बहुत कुछ गंवाया है और वे हताश व निराश हुए है। सामाजिक स्तर पर उन्होंने पीड़ा सहन की है अब उन्हें संबल दिया जाए।