May 21, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 11 जून 2025। श्रीक्षत्रिय युवक संघ द्वारा सिंधी भवन में श्रद्धाजंलि सभा का आयोजन किया गया। जिसमें संघ संरक्षक भगवानसिंह रोलसाहबसर को पुष्पाजंलि अर्पित करने संघ के सदस्य, राजपूत समाज सहित सर्व समाज के लोग शामिल हुए। सभा में मुख्य वक्ता शेखावाटी संभाग प्रमुख खिंवसिंह सुल्ताना सहित वक्ताओं ने रोलसाहबसर को क्षत्रिय समाज के लिए संजीवनी की तरह बताया जिन्होंने समाज हित में अविस्मरणीय संरक्षक की भूमिका निभाई। उन्होंने युवा शक्ति को सन्मार्ग दिखाकर प्रशिक्षित करने का जो मार्ग अपनाया, वो संपूर्ण समाज को एकता के सूत्र में पिरो कर घर घर संस्कार पहुंचाने में कामयाब हुए। महिला शक्ति के सम्मान व समानता के लिए उनका योगदान अतुलनीय रहा। वे सदैव आने वाली पीढ़ियों के स्मरणीय व प्रेरणीय रहेंगे। वरिष्ठ स्वयं सेवक एडवोकेट भरतसिंह राठौड़ ने बताया कि कार्यक्रम सुबह 9 बजे प्रारंभ हुआ जिसमें विश्वकर्मा कौशल बोर्ड के अध्यक्ष रामगोपाल सुथार, पालिकाध्यक्ष मानमल शर्मा, भाजपा नेता विनोद गिरी गुसाई, पूर्व प्रधान छैलूसिंह शेखावत ने पूज्य भगवानसिंह जी रोलसाहबसर के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। वहीं इस दौरान विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष जगदीश स्वामी, सिंधी पंचायत अध्यक्ष श्रवणकुमार सिंधी, शिवकुमार स्वामी, भाजपा शहर मंडल अध्यक्ष राधेश्याम दर्जी, देहात मंडल अध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर, मोमासर मंडल अध्यक्ष नरेश मोट, एडवोकेट रणवीर सिंह खीची, भंवरलाल दुगड़, सत्यनारायण स्वामी, हेमनाथ जाखड़, धर्माराम कूकना, आशीष जाड़ीवाल, भवानी तावनियां, थानमल भाटी, श्रवण नाई मोमासर, आनंद जोशी, श्याम सारस्वत हेमासर, सोहनलाल ओझा, महेंद्र राजपूत सहित सरपंच मोहन स्वामी धनेरू, सरपंच प्रतिनिधि रणवीर सिंह शेरुणा, पूर्व सरपंच समुद्र सिंह, पार्षद विक्रमसिंह शेखावत, जयसिंह शेखावत, कमल किशोर नाई, यूथ कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष संतोष गोदारा, महेंद्र सिंह बिग्गा, जेठूसिंह पुंदलसर, संदीपसिंह, केके जांगिड़, नानूराम प्रजापत, भवानी सिंह बिका, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भैराराम डूडी, रामेश्वरलाल पारीक, नेता प्रतिपक्ष नगरपालिका अंजू पारख, आपणो गांव सेवा समिति अध्यक्ष जतनसिंह राजपुरोहित, तुलसीराम चौरड़िया, महेश राजोतिया, आशीष जाड़ीवाल, पार्षद भरत सुथार, रामसिंह जागीरदार, श्याम पुरोहित, विक्रमसिंह शेखावत, विशाल स्वामी, सोहनलाल ओझा, गोपाल शास्त्री, थानमल भाटी, रोशनअली छिंपा, सकील अहमद, गोपाल प्रजापत, श्रीगोपाल राठी, सरपंच प्रतिनिधि हेतराम जाखड़, सहीराम जाट, मांगीलाल गोदारा, नवरतन राजपुरोहित, किशन पूरी, ओमसिंह राजपुरोहित, भगत सिंह, नानूराम कुचेरिया, आनंद जोशी, सांवरमल सोनी,  इकबाल राईन, लोकेश सिद्ध, रामनिवास बाना, अनमोल मोदी, ओशो जिज्ञासु सिद्ध, भरत जोशी, मदन सोनी, ,उत्तम नाथ सिद्ध, गजानंद माली, उत्तम नाई, करण जाड़ीवाल, हेमराज मीणा, श्रीजी नाई, धुड़ाराम डेलू, प्रभुराभ बाना, सुनील तावणियां, मेघराज तावणिया, नंदू नाई, गिरधारीसिंह राजपुरोहित तोलियासर, परमेश्वर सिद्ध, कन्हैयालाल गुरावा, गुलाराम मेघवाल, पुरनाथ रीड़ी, किशोरीलाल पारीक, केके जांगिड़, फतेहसिंह जांगिड़, भागीरथसिंह सेरूणा, रतनसिंह केऊ, अगरसिंह कोटासर, उपसरपंच मांगुसिंह जोधासर, ओमपाल सिंह जोधासर, भवानी सिंह बीका, एडवोकेट देवीसिंह सोनियासर, नरेंद्र सिंह गुलेरिया, सरपंच शेरसिंह कोटासर, फुससिंह जाखासर, देवीसिंह नोसरिया, जगमालसिंह कीतासर, श्रवणसिंह कीतासर, महेंद्रसिंह बिग्गा, मोहनसिंह देवड़ा सहित बड़ी संख्या में मौजिज लोग शामिल हुए। कार्यक्रम संचालन बीकानेर प्रांत प्रमुख राजेन्द्र सिंह आलसर ने किया व संघ के संस्मरण यशवंत सिंह मिंगसरिया ने सुनाए।

भगवान सिंह रोलसाहबसर जीवन परिचय
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। भगवान सिंह रोलसाहबसर का जन्म 2 फरवरी 1944 को सीकर के रोलसाहबसर गांव में हुआ था। वे अपने माता-पिता मेघ सिंह और गोम कंवर की 5वीं संतान थे। भगवान सिंह रोलसाहबसर का विवाह सिवाना के ठाकुर तेज सिंह की बेटी के साथ हुआ था। रोलसाहबसर बाड़मेर में स्थित ग्राम्य आलोकायन आश्रम में रहते थे। यहां पर कैंप लगाकर समाज के युवाओं को संस्कार, अनुशासन, धैर्य, कर्त्तव्य निष्ठा और मातृभूमि के प्रति कर्त्तव्य परायण की सीख दी जाती थी। इसके अलावा अलग-अलग जगहों पर प्रशिक्षण शिविर लगातार स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित करते थे।