






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 7 जून 2025। श्रीडूंगरगढ़ में वन्य जीव पर्यटन की अपार संभावनाएं बढ़ रही है। ध्यान रहें राज्य का सबसे बड़ा आखेट निषिद्ध क्षेत्र कोटासर से सांवतसर के बीच है परंतु अब यहां सिंचित कृषि अधिक होने, मानवीय गतिविधियों के बढ़ने से वन्य जीवों ने श्रीडूंगरगढ़ से गुसाईंसर के बीच स्थित वन भूमि की ओर शरण स्थली बना ली है। यहां वन्य प्राणियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। श्रीडूंगरगढ़ से गुसाईंसर मणकरासर समंदसर धोलिया व जैतासर गांवो के बीच स्थित हजारों बीघा वन भूमि में बड़ी संख्या में वन्य जीव अठखेलियां करते हुए नजर आने लगे है। यह एक उभरता हुआ अत्यधिक संभावनाशील क्षेत्र बन चुका है। यहां यदि सरकार की सकारात्मक भूमिका का साथ मिल सकें तो ये न केवल पर्यावरण संरक्षण में योगदान साबित होगा वरन पर्यटन नीति में शामिल होने पर स्थानीय समुदायों की आजीविका और समृद्धि में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेगा। वन विभाग के एसीएफ सत्यपाल ने शनिवार को अपने दौरे के दौरान वन्य जीवों के सुदंर वीडियो बनाया है। वहीं श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स के प्रबंधक विशाल स्वामी को वीडियो उपलब्ध करवाते हुए बताया कि वन विभाग जागरूक व संवेदनशील दृष्टिकोण के साथ वन्य जीवों के संरक्षण व पर्यटन के लिए प्रयास करने की तैयारी करेगा।



