






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 11 जनवरी 2025। राज्य सरकार द्वारा पंचायती राज के पुनर्गठन का कार्य तेज कर दिया गया है। ऐसे में श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में भी खासी हलचल प्रारंभ हो गई है। अनेक ग्रामीणों ने पुनर्गठन में नई पंचायतों के निर्माण की मांग प्रारंभ कर दी है। जानकारों का कहना है कि 40 से अधिक ग्राम पंचायतों वाली पंचायत समितियों का पुनर्गठन किया जाएगा जिसमें श्रीडूंगरगढ़ में एक ओर पंचायत समिति बनना तय माना जा रहा है। यहां पूर्व में ही 53 ग्राम पंचायतें है और नवसृजित को मिला कर ये ओर अधिक बढ़ जाएगी। ऐसे में आने वाले पंचायत चुनावों के बाद विधानसभा क्षेत्र में दो प्रधान बैठेगें। वहीं बता देवें जो ग्राम पंचायत एक राजस्व गांव है और उसमें जनसंख्या 4000 से अधिक है, तो वे पृथक ग्राम पंचायत नहीं बनेगी। वहीं किसी ग्राम पंचायत में एक से अधिक गांव है और उनकी जनसंख्या 4000 से अधिक है तो उन्हें पृथ्क पंचायत बनाया जा सकता है। पढें खबर विस्तार से:-
सरकार ने बनाई समिति, दिलावर संयोजक सहित चार मंत्री शामिल।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। पंचायती राज संस्थाओं के पुनर्गठन के लिए प्रस्तावों का परीक्षण करने के लिए राज्य सरकार ने एक उपसमिति का गठन किया गया है। जिसमें संयोजक मंत्री मदन दिलावर सहित सदस्य मंत्रीगण गजेंद्र सिंह, अविनाश गहलोत, सुमित गोदारा, जवाहर सिंह बेढम को शामिल किया गया है।
श्रीडूंगरगढ़ में हलचल शुरू, करीब एक दर्जन होगी नई पंचायतें।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। पूरे अंचल में पंचायतों के पुनर्गठन को लेकर हलचल शुरू हो गई है। करीब एक दर्जन नई पंचायतों का गठन होना तय माना जा रहा है। ग्रामीण जनप्रतिनिधियों ने अपने प्रयास प्रारंभ कर दिए है। वहीं सुरजनसर ग्राम पंचायत से धीरदेसर पुरोहितान को अलग करने की मांग ग्रामीणों द्वारा रख दी गई है। वहीं बता देवें जनसंख्या के नियमानुसार क्षेत्र में 10 नई पंचायतों का सृजन किया सकता है। समदंसर से अलग हो कर माणकरासर एक नई पंचायत का गठन, बीझांसर से अलग होकर लोढेरा नई पंचायत, सुरजनसर से अलग होकर धीरदेसर पुरोहितान, जैसलसर से पृथ्क होकर सातलेरा व अभयसिंहपुरा को मिलाकर एक नई ग्राम पंचायत, जाखासर नया से अलग होकर केऊ नई व पुरानी नई पंचायत, पुदंलसर से हेमासर व सालासर को मिलाकर एक नई पंचायत, दुलचासर से पृथक होकर गोपालसर एक नई पंचायत, जोधासर से झंझेऊ, तथा जालबसर से बीरमसर व सुरजनसर से लाखनसर मिलाकर एक नई ग्राम पंचायत का सृजन संभव है। वहीं बता देवें इंदपालसर सांखलान से हीरावतान को धर्मास में मिलाकर एक स्वतंत्र पंचायत का निर्माण हो सकता है। एक अन्य पुराना जाखासर से कुनपालसर व हंसावतान राणासर को निकाल कर एक अलग ग्राम पंचायत का निर्माण किया जा सकता है। दुसारणा की ओर भी एक ग्राम पंचायत बनाई जा सकती है। इसी के साथ जोड़ तोड़ के साथ अन्य ग्राम पंचायतों का निर्माण किया जा सकता है।
पंचायत समिति के लिए होगी जोर आजमाईश।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। ग्राम पंचायत मोमासर व शेरूणा सीमावर्ती गांव होने के कारण यहां पंचायत समिति का प्रस्ताव पूर्व में जिला प्रशासन द्वारा निरस्त कर दिया गया था। वहीं बता देवें दो नए नाम बड़े गांवो के रूप में रीड़ी व सूडसर के चल रहें है। श्रीडूंगरगढ़ में ही दो पंचायत समिति मुख्यालय बनाए जाने के कयासों पर भी नियमानुसार पानी फिर गया है क्योंकि सरकार के नियम नगरपालिका क्षेत्र में पंचायत समिति हैडक्वार्टर नहीं बनाए जाने के तहत ये नहीं हो सकेगा। जो पुराने समय से संचालित है केवल वही एक रह सकेगी। इनमें भी बता देवें सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार रीड़ी के स्टेट हाइवे पर होने, यातायात के साधनों की उपलब्धता, ग्राम पंचायतों से कनेक्टिविटि मार्ग व उपखंड मुख्यालय से दूरी के चलते नाम अधिक उपयुक्त माना जा रहा है।
राजनीतिक प्रभाव का असर रहेगा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। बता देवें नियमानुसर ग्राम पंचायतों व पंचायत समिति जनसंख्या के आधार पर एक अध्ययन पश्चात नियमानुसार संभावनाओं को जानकारों द्वारा तलाशा गया है। पूरे क्षेत्र में इसकी चर्चा हर गली नुक्कड़ पर हो रही है। नियमानुसार के अतिरिक्त पुनर्गठन पर राजनीतिक प्रभाव का असर रहने की पूरी संभावनाएं भी जताई जा रही है।
ये बनाए है नियम।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। पुनगर्ठन के लिए प्रस्ताव तैयार करने के लिए न्यूनतम जनसंख्या 3,000 व अधिकतम जनसंख्या 5,500 रखी गई है। परंतु इसमें मरूस्थलीय जिले जैसे बीकानेर, बाड़मेर, जैसलमेर व जोधपुर में ग्राम पंचायत के लिए न्यूनतम 2000 व अधिकतम जनसंख्या 4000 रखी गई है। वहीं इसमें एक महत्वपूर्ण नियम ये है कि किसी राजस्व एक गांव को विभाजित कर दो ग्राम पंचायतों में नहीं बांटा जाएगा। नवसृजित ग्राम पंचायत एक ही विधानसभा में हो।
पंचायत समिति के पुनगर्ठन में एक में होगी 25 ग्राम पंचायतें।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। पंचायत समितियों के पुनगर्ठन में नवसृजित पंचायत समिति में 25 ग्राम पंचायतें रखी जाएगी। शासन सचिव डॉ जोगाराम ने सभी जिला कलेक्टर को ग्राम पंचायत एवं पंचायत समिति के पुनर्गठन व नव सृजन किए जाने के लिए प्रस्ताव तैयार करने व सार्वजनिक अवलोकन के लिए प्रसारित करने, एक माह की अवधि में आपत्तियां आमंत्रण करने एंव उन पर सुनवाई करने के पश्चात तैयार किए गए प्रस्तावों को राज्य सरकार से अनुमोदन करवाए जाने के लिए अधिकृत किया गया है।



