






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 10 अगस्त 2023, रातभर किताबें पढ़ने के बाद भी जब एग्जाम हॉल में पेपर सामने आता है तो ऐसा लगता है कि कुछ आता ही नहीं। ऑफिस में प्रेजेंटेशन की एक-दो दिन पहले से तैयारी करने के बाद भी कई बार ऐसा होता है कि बॉस के सामने एकदम ब्लैंक हो जाते हैं। कुछ लोगों के साथ तो ऐसा भी होता है कि वो कमरे में कुछ लेने जाते हैं और जब तक वहां पहुंचते हैं सेकेंड्स में भूल जाते हैं कि वहां क्या लेने आए थे। क्या आपके साथ भी अक्सर ऐसा होता है? तो इसकी वजह है दिमाग का कमजोर होना। जिसमें हमारी कुछ आदतें योगदान दे रही हैं, तो चलिए जानते हैं इन बुरी आदतों के बारे में और साथ ही दिमाग को तेज करने के तरीके भी।
माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म कू ऐप पर मशहूर योग गुरु, आध्यात्मिक वक्ता, लेखिका और संस्कृति दार्शनिक आचार्य प्रतिष्ठा ने अपनी पोस्ट में दिमाग को तेज करने, बौद्धिक क्षमता बढ़ाने के लिए सात बुरी आदतों को छोड़ने की सलाह दी है। वह कहती हैं कि, कब हमारी दिनचर्या बिगड़ जाती है और यह हमारे दिमाग को कमजोर बनाने लगती है, हमें पता ही नहीं चलता क्योंकि हमारे दिमाग की सोचने-समझने की क्षमता कुछ आदतों की वजह से कम होती जाती है, तो आइए जानते हैं कौन सी हैं वो आदतें, जो दिमाग की हेल्थ के लिए बिल्कुल भी अच्छी नहीं हैं।
1. व्यायाम ना करना
अगर आप किसी भी तरह का व्यायाम नहीं कर रहे हैं, तो इससे हम अपने दिमाग को नुकसान पहुंचा रहे हैं। मतलब डांस, पैदल चलना, दौड़ना, योग, कार्डियोवैस्कुलर एक्सरसाइज, वेट लिफ्टिंग जैसा शरीर को थकाने वाला कुछ भी नहीं कर रहे हैं, तो आप दिमाग को तेज करने का कोई भी प्रयास नहीं कर रहे हैं। एक्सरसाइज करने से शरीर के साथ दिमाग भी हेल्दी रहता है। व्यायाम आपका ब्रेन डेराइव्ड न्यूरोट्रॉपिक फैक्टर (बीडीएनएफ) बढ़ाती है। जब आप व्यायाम नहीं करते हैं, तो दिमाग को नुकसान पहुंचता है और बौद्धिक क्षमताएं कम होती हैं। इसलिए किसी भी तरह का शारीरिक व्यायाम करना बेहद जरूरी है।
2. पर्याप्त नींद ना लेना
अगर आप पर्याप्त मात्रा में नहीं सो रहे हैं, तो भी आप अपने दिमाग को तेज करने का कोई प्रयास नहीं कर रहे हैं। पर्याप्त मात्रा में सोने का मतलब है कि कैसी नींद ले रहे हैं, कब सो रहे हैं और कैसे सो रहे हैं, ये सारी चीज़ें। सही वक्त पर सही नींद सबसे ज्यादा जरूरी है। इससे दिमाग एक्टिव और हेल्दी रहता है।
3. मोटापा कम करना
आपका पेट जितना बढ़ता जाएगा, दिमाग उतना ही छोटा होता जाएगा। इसलिए अपने मोटे पेट को कम करना बहुत जरूरी है। मोटा पेट दिमाग के लिए बहुत नुकसानदायक है। अपने पेट और कमर को शेप में रखें क्योंकि इससे आपका दिमाग भी दुरुस्त रहेगा।
4. इनफ्लेमेटरी फूड (सूजन बढ़ाने वाला भोजन)
जंक, फ्राइड फूड, प्रिजर्वेटिव से भरा हुआ भोजन धीरे-धीरे आपके दिमाग की क्षमता को कम करता है। मूड स्विंग, कंफ्यूजन, डिप्रेशन की एक वजह अनहेल्दी खानपान भी है। आदि होता है और यह काफी धीमी गति से होता है, इसलिए इसका असर जानने में काफी वक्त लग जाता है। लोगों को लगता है कि उम्र बढ़ने से, ज्यादा काम करने से दिमाग की क्षमताएं कम हो रही हैं, लेकिन असलियत में इसकी वजह हमारा खानपान होता है। हेल्दी व बैलेंस डाइट न लेने से एकाग्रता में कमी और मेमोरी लॉस की प्रॉब्लम देखने को मिलती है। इसलिए ऐसे भोजन से दूर रहें।
5. कुछ भी नया नहीं सीखना
उम्र बढ़ने के साथ कुछ ना कुछ नया सीखना बेहद जरूरी है। यह मत सोचें कि अब उम्र बढ़ गई है, नया सीखकर क्या करेंगे। अपने दिमाग को तेज करने के लिए कुछ ना कुछ नया सीखते रहें। हमारा दिमाग शरीर की किसी अन्य मसल की तरह है, इसलिए इसे जितना ज्यादा काम देंगे, उतना ज्यादा यह बेहतर बनेगा, मजबूत होगा और तेज होगा। इसकी जितनी ज्यादा एक्सरसाइज करेंगे, यह उतना एक्टिव और हेल्दी रहेगा। इसलिए अपनी रोजमर्रा की गतिविधियों को एक जैसा ना बनाएं। रोज दिमाग को कुछ नया करने के लिए दें।
6. स्क्रीन का ज्यादा इस्तेमाल
मोबाइल, टीवी, लैपटॉप-कंप्यूटर जैसी हर चीज की स्क्रीन को ज्यादा देखना दिमाग और शरीर दोनों के लिए नुकसानदायक है। स्क्रीन का ज्यादा इस्तेमाल, हमारी आदत में तब्दील हो जाता है और कब स्क्रीन पर रील्स या कोई वीडियो देखते हुए घंटों बीत गए हमें पता ही नहीं चलता। इससे हमारे दिमाग की क्षमता कम होना शुरू हो जाती है।
7. ज्यादा वक्त घर के अंदर बिताना
अगर आप ज्यादातर वक्त के घर में बिताते हैं, कहीं बाहर ताजी-खुली हवा में नहीं जाते, खुली हवा में सांस नहीं ले रहे हैं, तो ये सारी चीजें आपके दिमाग को कमजोर-खोखला बना रही हैं। यह आपकी बौद्धिक क्षमता को घटा रही हैं। रोजाना कम से कम आधा घंटा प्रकृति के बीच जाकर खुली हवा में बिताएं। इस तरह से आप डिप्रेशन से दूर रहेंगे, खुश रहेंगे और आपकी बौद्धिक क्षमताएं बढ़ेंगी।



