May 21, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 19 मई 2023। सरकारी स्कूल और सरकारी शिक्षकों के प्रति समाज में स्थिति मोहभंग वाली ही है ऐसे में गहरे पानी व तपती धूप में धोरों के बीच सुदूर ग्रामीण अंचल में खड़ा एक स्कूल अपनी पहचान को विशिष्टता देने में जुटा है। आजकल कई युवा शिक्षक समाज में सरकारी मास्साब की छवि में सकारात्मक परिवर्तन लाने के पुरजोर प्रयास करते नजर आते है। ऐसा ही प्रयास हो रहा है श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के गांव उदरासर में। श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स की टीम पहुंची उदरासर के राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल। में लिया शिक्षा के इस मंदिर का जायजा। इस गांव में सुविधाएं भले ही कम हो परंतु सरकारी स्कूल का आर्दश रूप जो किसी शहरी प्राइवेट स्कूल से बेहतर सा नजर आया।

दिया रेलगाड़ी का रूप, बनानी है शिक्षा की एक्सप्रेस।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। 12 वीं तक के इस स्कूल में करीब 500 विद्यार्थी है। सरपंच किशनाराम गोदारा की पहल पर कोरोना काल में इसे विशेष रंगों से सजाया गया और एक ट्रेन की भांति संवार कर कक्षाओं को डिब्बों का रूप दिया। इस आर्कषक भवन में प्रभारी सुष्मा सैन ने बताया कि स्कूल के तत्कालीन प्रधानाचार्य ने इसे रेलगाड़ी का रूप देकर शिक्षकों से इसे शिक्षा की एक्सप्रेस बनाने का आह्वान किया। जिस पथ पर चलकर गांव के बच्चें ना केवल अच्छे रोजगार में सेट हो सकें वरन वे देश के जिम्मेदार नागरिक बनें और समाज में अपना सकारात्मक योगदान भी दे सकें। सैन ने बताया कि स्कूल के व्याख्याताओं से लेकर सभी शिक्षक नामांकन बढ़ाने के लिए घर घर संपर्क कर प्रति बच्चे को स्कूल से जोड़ने का प्रयास कर रहें है। सैन ने बताया कि गांव में दो प्राइवेट स्कूल भी है परंतु ये सरकारी स्टाफ, स्कूल व विद्यार्थियों के प्रति पूर्ण समर्पण भाव से कार्यरत है।

विज्ञान विषय प्रारंभ हो तो गांव में ही कर सकें विज्ञान की पढ़ाई।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। स्कूल के विद्यार्थियों से बातचीत में सामने आया कि वे शिक्षक व स्कूल के शिक्षण से संतुष्ट है परंतु वे स्कूल में विज्ञान विषय नहीं होने से वे कठिनाई महसूस करते है। अनेक बच्चों ने बताया कि विज्ञान विषय में पढ़ना हो तो श्रीडूंगरगढ़ जाना पड़ता है ऐसे में बालिकाओं को तो घर से मना ही कर जाता है। बालिकाओं ने कहा कि उनकी रूचि विज्ञान विषय में है और शिक्षा विभाग यहां विज्ञान विषय दे तो अनेक विद्यार्थी विज्ञान विषय में पढ़ने का सपना गांव में ही पूरा कर सकेंगे।

कंप्यूटर शिक्षा व खेलों पर भी है ध्यान, हर वर्ष लग रहे है मेडल।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। प्रभारी सुष्मा सैन ने बताया कि स्कूल में आधुनिक कंप्यूटर लेब है और प्रतिवर्ष चार से पांच बच्चे खेल में भी जिला स्तर पर मैडल लेकर राज्य स्तर पर खेलने पहुंच रहें है। पीटीआई सहित अनेक शिक्षक भी खेलों की तैयारी में योगदान देते है।
स्कूल प्रांगण में छाई है हरियाली, ग्रामीणों का मिल रहा है सहयोग।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सूखे से गांव में स्कूल प्रांगण में छाई हरियाली आंखो को राहत देती है। भीषण गर्मी में टाइम्स टीम को भी इन पेड़ों की छाया में ठंडक का एहसास हुआ। यहां कार्यरत शिक्षकों ने पूरे प्रागंण को अनेक पेड़ पौधो से सजाया है। शिक्षकों ने बताया कि विद्यालय के कार्यों में ग्रामीण भी सदैव सहयोग के लिए तत्पर रहते है।
ये दे रहें है सेवाएं।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय उदरासर में कार्यवाहक प्रधानाचार्य सुषमा सेन, अभिलाषा, अनिल कुमार, गणेशप्रकाश, मोहर सिंह, श्रवण कुमार, लेखराम, सीताराम , मंजू, बाबूलाल, रामकेश, सुभाषचंद्र, महेंद्र, ओमप्रकाश, ओमप्रकाश शर्मा, दुलदास, श्यामसुंदर व रामकुमार का स्टॉफ कार्यरत है।

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