May 21, 2026
26jan

उदयपुर, अमरावती, आतंकवाद, महंगाई, बेरोजगारी, हेट स्पीच आदि के राष्ट्रीय मुद्दों पर अब राजनीति से ऊपर उठकर एक राय बनाने की जरूरत है, यदि समय की गंभीरता को नहीं समझा गया तो स्थिति चिंताजनक होगी। हर मसले में राजनीति और वोट बैंक के आधार पर निर्णय करना अब भारी पड़ सकता है। सामाजिक और आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ रही है, उस पर सभी दलों को एक हो सर्जिकल स्ट्राइक करना जरूरी है, तभी जनता के हित सुरक्षित रह सकेंगे।
लगातार बढ़ रही महंगाई ने आम आदमी का जीना मुश्किल कर दिया है। खुदरा बाजार में रोजमर्रा चीजों के बढ़ते दाम ने मध्यम व निम्न वर्ग के परिवारों के समक्ष जीने की समस्या खड़ी कर दी है। इस मुश्किल ने सामाजिक समस्या को जन्म दिया है, इस बात को समझना जरूरी है। सरकार किसी भी दल की हो, केंद्र में जनता ही होना सच्चा लोकतंत्र है। उस ध्येय को भूलना बड़ी भूल है। सरकार और राजनीतिक दलों को मिलकर इस समस्या के निदान के प्रयास नहीं किये गये तो आने वाला समय चिंताजनक हो जायेगा।
ठीक इसी तरह बड़ी समस्या बेरोजगारी की भी है। भारत युवाओं का देश है, इस तरह की योजना सभी राजनीतिक दल मिलकर बनाये कि युवा शक्ति का देश निर्माण में उपयोग हो। मगर हालत ज्यादा चिंता वाली है। सरकारी व निजी क्षेत्र में लगातार घट रहे रोजगार ने युवाओं को विचलित कर रखा है। स्वामी विवेकानन्द ने कहा भी था कि युवा की ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण में यदि काम नहीं लिया जाता तो युवा भटकता है, ये बात इस दौर में शाश्वत है। इस पर राजनीतिक हितों से ऊपर उठ जाये सभी दल तो भारत दुनिया का सबसे शक्तिशाली राष्ट्र बन सकता है। इस तथ्य को सभी राजनीतिक दल जानते और मानते हैं, फिर भी सामूहिक प्रयास नहीं कर रहे, ये चिंता की बात है। अब समय बर्बाद करने का जरा भी अवसर नहीं है, सरकार किसी भी दल की हो, मिलकर बेरोजगारी के खात्मे के प्रयास जरुरी है। सत्ता और विपक्ष को समान रूप से थोड़ा थोड़ा झुकना जरूरी है। युवा वोट नहीं, इस देश की अनमोल शक्ति है।
हेट स्पीच इस समय की बड़ी समस्या बन गई है। इससे सामाजिक ताना बाना पूरी तरह बिखरने की स्थिति में पहुंच गया है। उदयपुर, अमरावती की घटनाएं और उसकी देश भर में हो रही प्रतिक्रियाएं उदाहरण है। हेट स्पीच चाहे कोई करे, सरकारों को तुरंत उसके खिलाफ एक्शन जरूरी है। उसमें कोताही अंततः देश और व्यक्ति का नुकसान है। आरोप प्रत्यारोप से बचकर हेट स्पीच पर कार्यवाही जरूरी है। नहीं तो ये आदमी आदमी के बीच खाई पैदा कर देगी, जिसे पाटना मुश्किल होगा। चाहे किसी भी धर्म की तरफ से हेट स्पीच हो, उसे बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए और उस पर किसी भी दल को राजनीति नहीं करनी चाहिए, तभी समाज और उसका सद्भाव बच सकेगा। नहीं तो संकट बड़ा होता जायेगा।
इसके लिए निरंकुश सोशल मीडिया के लिए आचार संहिता पहला काम है, वो भी एक राय से। क्योंकि हर कोई सोशल मीडिया पर है, इसलिए इस पर लगाम जरुरी है। दूसरा जरूरी काम राजनीति और अपराध के गठजोड़ को खत्म करना जरूरी है। कल की इलाहाबाद हाईकोर्ट की टिप्पणी सही है और उसकी पालना सभी राजनीतिक दलों को करनी चाहिए। चुनाव आयोग को इसमें अहम भूमिका निभानी जरूरी है, और उसे सभी दलों का सहयोग मिलना इसकी अनिवार्यता है। सरकारें व राजनीति जब राजनीतिक हितों से ऊपर उठेगी व जन हित को केंद्र में रखेगी, तभी इन राष्ट्रीय समस्याओं का निदान सम्भव है। अब समय आ गया, जब इन राष्ट्रीय समस्याओं पर एक हो सर्जिकल स्ट्राइक जरूरी है। जनता तो यही सोच रही है।
– मधु आचार्य ‘ आशावादी ‘
वरिष्ठ पत्रकार