






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 4 जून 2023। जगह जगह पुलिस वालों ने, नागरिकों के झूंडों ने, श्रद्धालुओं के जत्थों ने दो युवाओं को मोटरसाइकिल पर देखकर रोका और पूछा कि वे किस मिशन पर है? इस पर सैंकड़ो लोगों से रक्तदान की अपील करते हुए उन्हें रक्तदान महादान का संदेश दिया। मानवता के हित में ये कार्य किया श्रीडूंगरगढ़ के दो उत्साही युवा 33 वर्षीय पुरूषोत्तम तावणियां व 32 वर्षीय रवि पांडे ने जिन्होंने मोटरसाइकिल पर 2505 किलोमीटर की यात्रा 10 दिन में पूरी कर 14 तीर्थ स्थानों पर माथा टेका और सैंकड़ो लोगों से किसी जरूरतमंद के प्राण बचाने के लिए रक्तदान की अपील की। आज ये युवा खासे चर्चा में रहें और सोशल मीडिया पर इन्हें खूब बधाईयां भी मिली है।
यहां किए दर्शन, समिति ने किया स्वागत।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। पुरूषोत्तम तावणियां जोधपुर से निकल कर श्रीडूंगरगढ़ पहुंचे और इनके साथ रवि पांडे 26 मई को यहां से रवाना हुए। आज सुबह 10 बजे दोनों युवा यात्रा पूरी कर गांव लौटे तो आपणो गांव सेवा समिति के सेवादारों ने उनका स्वागत करते हुए शुभकामनाएं दी। इस जोड़ी ने केदारनाथ, तूंगनाथ, बद्रीनाथ, आदी बद्री, नंदप्रयाग, केशवप्रयाग, कर्णप्रयाग, रुद्रप्रयाग, सोनप्रयाग, विष्णुप्रयाग, वासुधारा, तूंगनाथ, चंद्रशिला, केदारनाथ, नैनीताल, भीमताल, लैंसडाऊन, पौडी, त्रियुगी नारायण, वेदव्यास, गुफा, सरस्वती नदी उद्धम स्थल, द्रोपदि निर्वाण, गैरसैण, आदी बद्री, रानीखेत, कैंची धाम में दर्शन किए।
ये रहा यात्रा का रोडमैप।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। पुरूषोत्तम तावणियां ने बताया कि उनकी यात्रा का रोड मैप श्रीडूंगरगढ़ से राजगढ, रोहतक, मेरठ, कोटद्वार, लैंसडाऊन, पौडी, श्रीनगर, सोनप्रयाग, गौरी कुंड, त्रियुगी नारायण, उखी मठ, देवरिया ताल, चौपता, जोशीमठ, माणा, कर्णप्रयाग, गैरसैण, रानीखेत, कैंची धाम, नैनीताल, हल्द्वानी, गाजियाबाद, सोनीपत, भिवानी, तारानगर, सरदारशहर से पुन श्रीडूंगरगढ पहुंचे। उन्होंने बताया कि इस दौरान उन्होंने ग्रामीण छोटी सड़के अधिक ली जिससे पहाड़ी लोगों के जीवन व रहन-सहन जानने का मौका मिला। हमें प्रकृति को ओर गहरे से समझने का भी मौका मिला।
ये है परिचय, संगीत व पशु सेवा से जुड़े है ये युवा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। एयरफोर्स स्कूल जोधपुर में संगीत शिक्षक व आपणो गांव सेवा समिति के संस्थापक सदस्य पुरूषोत्तम व पशु चिकित्सा के पेशे से जुड़े रवि पांडे दोनों संवेदनशील युवा है। पुरूषोत्तम काका के नाम से लोकप्रिय है तथा ओ निगेटिव ब्लड ग्रुप होने के कारण उन्होंने 18 रक्तदान, 2 बार कोविड प्लाजमा, 132 एसडीपी यानी प्लेटलेट्स देकर 152 जरूरतमंदो के प्राण बचाने के लिए मदद की है। काका ने वन्य जीव संरक्षण तथा वन संरक्षण के लिए जागरूकता मिशन के लिए भी अपनी सेवाएं दी है। काका ने टाइम्स को बताया कि मानव हित में योगदान देना मेरा कर्त्तव्य है और इस मिशन में सदैव तत्पर रहुंगा। उन्होंने अब तक एक लाख चार हजार किलोमीटर की यात्रा मोटरसाइकिल से पूरी की है। तावणियां ने बताया कि इन दिनों वे प्राण ऊर्जा थेरेपी पर पर रिसर्च करने व सीखने में जुटें है।








